खाद्य सुरक्षा कानून लागू होते ही गरीबों को भरपेट भोजन मिलने की राह में मुश्किलें आने लगी हैं। एफसीआई गोदाम से राशन की लोडिंग-अनलोडिंग ठप हो गई है। लेबरों ने ट्रक मालिकानों से ‘डाला’ शुल्क की मांग की है, जिसे न देने पर चावल और गेहूं की उठान नहीं हो रही।
ठेकेदारों व मजूदरों के बीच में शुक्रवार को दिनभर वार्ता चली, लेकिन परिणाम कुछ नहीं। गोदाम पर मजदूरों को राशन की लोडिंग व अनलोडिंग का भुगतान एफसीआई के अफसर करते हैं। इनके अतिरिक्त लेबर अब तक प्रति ट्रक लोडिंग का एक हजार से अधिक रुपया वसूल करते हैं।
एक वाहन मालिक का कहना है कि गेट के अंदर वाहन के जाते ही वसूली शुरू हो जाती है। सबसे पहले सौ रुपए देना पड़ता है, तो गाड़ी अंदर जाती है। प्रति वाहन लोडिंग का नौ सौ रुपए और तीन सौ रुपए यूनिट इंचार्ज वसूल लेता है।
बताते हैं कि फूड सिक्योरटी मिशन लागू होने के बाद राशन की चोरी बंद हो गई तो अब वाहन मालिक एफसीआई के कर्मचारियों को अतिक्ति भुगतान देने से कन्नी काट रहे हैं। यही वजह है कि अब मजदूर राशन को ट्रक पर लादने से इंकार कर रहे हैं।
एफसीआई के लेबर कहते हैं कि यदि उन्हें डाला दिया जाएगा तो ही राशन की लोडिंग करेंगे नहीं तो शासन से निर्धारित गाइड लाइन के अनुरूप कार्य करेंगे।