धान की रोपाई के बाद रासायनिक खादों की कमी आड़े न आए, इसके लिए माहवार खाद की आपूर्ति का ब्यौरा तैयार किया गया है।
निजी दुकानदार और बफर गोदाम को मिलाकर 16 हजार 852 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। पूरे सत्र के दौरान विभाग को लगभग 23 हजार मीट्रिक टन यूरिया की दरकार है।
खरीफ की फसल के लिए जिले में यूरिया खाद के लिए 41 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है। बफर गोदाम में नौ हजार 99 मीट्रिक टन यूरिया खाद पहले से उपलब्ध है ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर किसानों को त्वरित यूरिया खाद की आपूर्ति की जा सके।
विभागीय अधिकारियों को दावा है कि जिले में फास्फेटिक खाद से लेकर यूरिया तक की कमी नहीं होने पाएगी। इसके लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है।
जिला कृषि अधिकरी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि वर्तमान में फास्फेटिक खाद से लेकर यूरिया तक की कोई कमी नहीं है। हर माह के लिए यूरिया के आपूर्ति किए जाने का शेेड्यूल तैयार है। समय से खाद आपूर्ति होती रही तो जिले के नागरिकों को यूरिया के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।