मवई। पुलिस ने गुरुवार को माताफेर हत्याकांड का पर्दाफाश किया। पुलिस के मुताबिक इकलौते बेटे ने ही अपनी पिता की हत्या कर दी थी। ये बात खुद उसने पूछताछ में कुबूली। उसका कहना है कि बहन के नाम संपत्ति लिखने से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की।
बता दें मवई थाना क्षेत्र के ग्राम शेरपुर के माता फेर रावत गांव से एक किलोमीटर दूर खेत में फसल को छुट्टा जानवरों से बचाने के लिये मचान बनाकर रखवाली करते थे। बीते सोमवार सुबह माताफेर की लड़की संगीता जब धान की निराई को गई तो देखा उसके पिता मचान पर खून से लथपथ पड़े थे।
हल्की-हल्की सांसें चल रही थी, कुछ ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल तथा प्रभारी निरीक्षक मवई राम किशन राना ने मौके पर जायजा लेने के बाद घटना का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिये थे। गुरुवार को प्रभारी निरीक्षक को सूचना मिली कि नकछेद मवई चौराहा पर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने खड़ा है।
वह कहीं जाने की फिराक में था। इस पर प्रभारी निरीक्षक मवई ने सिपाही नरेंद्र प्रताप यादव, सतीश कुमार,अभिषेक कुमार गौतम तथा महिला सिपाही कामिनी गुप्ता के साथ मौके पर पहुंचे और उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रभारी निरीक्षक राम किशन राना ने बताया कि पूछताछ में नकछेद ने अपने पिता माताफेर की हत्या की बात स्वीकार की। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि माताफेर ने खेत और मकान अपनी लड़की संगीता के नाम लिख दिया था। जब नकछेद को इस बात की जानकारी हुई तो वह अपने पिता से नाराज हो गया।
सोमवार को प्रात: नकछेद मचान पर लेटे हुए थे, तभी नकछेद ने अपने पिता पर डंडा से हमला कर दिया, जिनकी कुछ देर बात मौके पर ही मृत्यु हो गई। हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल डंडा भी बरामद हुआ। प्रभारी निरीक्षक राम किशन राना ने बताया कि नकछेद को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया।