अयोध्या। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में अयोध्या नगरनिगम को प्रदेश में 11वां और राष्ट्रीय रैंकिंग में 97वां स्थान मिला है। प्रदेश में 47 अंक का व राष्ट्रीय रैंकिंग में 81 अंक का रिकॉर्ड सुधार हुआ है। इसकी वजह नगर निगम की कार्यशैली व शहरवासियों की सजगता मानी जा रही है।
वर्ष 2019 की स्वच्छता रैंकिंग में अयोध्या को प्रदेश में 58वां व राष्ट्रीय रैंकिंग में 158 वां स्थान मिला था। स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान 2020 के तहत देश के 4242 शहरों, 62 छावनी बोर्ड व गंगा के किनारे बसे 92 कस्बों को शामिल किया गया था। इसमें शहर की भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर कई कटेगरी बनाई गई थी।
एक लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों को शामिल किया गया था। इसमें अयोध्या नगर निगम प्रथम 100 में अपना नाम दर्ज कराने में सफल रहा है। अयोध्या नगर निगम को राष्ट्रीय रैंकिंग में 97 स्थान मिला है। हालांकि ये रामनगरी की दृष्टि से बहुत बेहतर नहीं कहा जा सकता है लेकिन इतना अवश्य है कि इस बार रैंकिंग में भारी सुधार हुआ है।
अयोध्या नगर निगम सीधे 81 पायदान ऊपर आया है। यही हाल प्रदेश की रैंकिंग का भी रहा है। पिछले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में 58वें अंक पर रहने वाले नगर निगम ने सीधे 47 अंक की उछाल लगाई है। पूरे प्रदेश में अयोध्या को 11वां स्थान मिला है। इसमें नगरवासियों के सहयोग से नगर निगम की कोशिश रंग लाती दिख रही है।
दरअसल, सफाई अभियान में आया सुधार डोर टू डोर कूड़ा क्लेक्शन का परिणाम है। पिछले वर्ष भी ये व्यवस्था लागू थी लेकिन ये कुछ वार्डों तक ही सीमित थी। इस बार नगर निगम प्रशासन ने इसका विस्तार हर गली और मोहल्ले तक किया। यहां तक की पुरानी डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने वाली कंपनी की छुट्टी कर नई कंपनी को ठेका दिया गया। अब हर गली व हर मोहल्ले तक कूड़े का डोर टू डोर कलेक्शन हो रहा है।
अयोध्या नगर निगम में कूड़ा एकत्र करने के लिए दो प्रकार की व्यवस्थाओं का संचालन होता है। एक तो डोर टू डोर कलेक्शन है ही, साथ ही गली मोहल्लों से कूड़ा गाड़ियां भी कूड़ा उठाती हैं। ये अभियान दिन में दो बार सुबह व शाम को चलता है। लोग बाहर कूड़ा न फेंके इसके लिए नगर निगम प्रशासन अभियान भी चलता है।
कई बार बाहर कूड़ा फेंकने वाले लोगों को नोटिस व चालन भी किया जाता है। इसके साथ ही नालों की सफाई के अलग से सफाई गैंग है। इसमें लगभग 80 कर्मचारी लगाए गए है जबकि नालियों की सफाई के लिए सभी 60 वार्डों में 600 के लगभग कर्मचारी लगाए गए हैं।
अयोध्या नगर निगम ने भले से ही स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में भारी उछाल दर्ज की है लेकिन ये भी सत्य है कि 130 एमटी कूड़ा उठने के बाद इसको डंप किये जाने व रि-साइकिल किये जाने के समुचित उपाय नहीं हैं। फिलहाल अयोध्या में एक इलेक्ट्रिक कम्पोस्टिंग मशीन लगी है लेकिन ये शहर से निकलने वाले कूड़े के लिए अपर्याप्त है।
इतना जरूर है कि नगरनिगम प्रशासन बड़े स्तर पर वेस्टेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की तैयारी में है। इसके लिए नगर निगम ने शहर के बाहर सिडसिड में भूमि देखी है। इसको खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद यहां बार बड़े स्तर पर प्लांट लगाया जाएगा। फिर व्यवस्था में व्यापक सुधार आने की संभावना है। कहा तो ये जा रहा है कि ट्रीटमेंट प्लांट लगने के बाद पूरे शहर को गारबेज फ्री कर दिया जाएगा।
प्रदेश व राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार होना हर्ष का विषय है। नगरवासियों की जागरूकता व कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई है। अभी इसमें और सुधार किया जाना है। अगली बार नगर निगम को अपनी परफारमेंस को और बेहतर बनाना है। इसके लिए हमे अभी से निश्चय करना होगा।
- डॉ. नीरज शुक्ला, नगर आयुक्त, अयोध्या