नवरात्र के आखिरी दिन सोमवार शाम से जुड़वा शहरों में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने विजयदशमी और मूर्ति विसर्जन को लेकर जुड़वा शहर में दो दिन मंगलवार व बुधवार तक चौपहिया व दोपहिया वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है।
इन वाहनों के निकलने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। जाहिर है कि दोनों शहरों के आसपास के मार्गों से जैसे-तैसे वाहन निकलेंगे। जिलेभर में मंगलवार को बुराई के प्रतीक रावण का दो सौ से अधिक स्थानों पर पुतला दहन के साथ जगह-जगह मेला लगेगा। इसी के साथ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन भी जुलूस निकलेगा।
शहर में दुर्गा पूजा व रामलीला के शिखर पर पहुंचने के साथ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन-पूजन को सड़कों पर उतर गई है। हाल यह हो गया है कि पूरा शहर जाम जैसे हालात में पहुंच गया है। प्रशासन ने वाहनों का शहर की ओर प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।
शहर व अयोध्या के विभिन्न हिस्सों में दो सौ से अधिक जगहों पर दुर्गा पंडाल सजाए गए हैं। ज्यादातर पंडाल सड़क के किनारे व चौक-चौराहों के आस-पास हैं। वहीं जुड़वा शहरों में कई स्थानों पर रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
सोमवार से हाल यह है कि शाम होते ही शहर की सड़कों पर भक्तों व श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। भीड़ के दबाव में यातायात की कौन कहे, पैदल चलना भी दूभर हो गया है। भीड़ को संभालने के लिए यातायात व पुलिसकर्मियों को स्वयंसेवकों की मदद लेनी पड़ रही है।
हालात के मद्देनजर एसएसपी मेहित गुप्ता ने जुड़वा शहरों के इंट्री प्वांइटों पर पुलिस व यातायात कर्मियों की ड्यूटी लगाकर दो पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। किसी भी वाहन को शहर में न आने-देने की ताकीद की गई है।
होमगार्ड जवानों को भी मदद के लिए लगाया गया है। हालांकि पुलिस-प्रशासन की ओर से आपात हालात के लिए किसी मार्ग को रिजर्व नहीं किया गया है और न ही वाहनों के आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है।
एसएसपी के पीआरओ केपी ओझा ने बताया कि दुर्गा पंडाल व रामलीला देखने आने वालों की भारी भीड़ के मद्देनजर सोमवार शाम से शहर की ओर छोटे-बड़े सभी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।