जिले में शुक्रवार रात आई आंधी-पानी से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई। पोल व तारों पर पेड़ और डालियां गिरने से देहात के सभी उपकेंद्रों की बिजली ठप है, जबकि शहर में सहादतपुरा फीडर प्रभावित हुआ है।
पावर कॉर्पोरेशन की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं। उधर, निचले इलाकों में नाली-नालियां चोक होने से जलभराव हो गया है। मानसून पूर्व की पहली बारिश से नगर निकायों की तैयारी की पोल खुल गई है।
आंधी के साथ बौछारें शुक्रवार आधी रात से शुरू हुईं। इसी के साथ शहर समेत देहात की बिजली गुल हो गई। शहर में तेज हवा का कहर थमते ही कई इलाकों में बिजली बहाल हो गई, मगर कैंटोमेंट एरिया में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप है।
उधर शनिवार रुक-रुक कर हुई बारिश से चौक, सब्जीमंडी, रोडवेज, सिविल लाइंस, लालबाग, रीढगंज, फतेहगंज, शिवनगर कॉलोनी आदि के निचले इलाकों में जलजमाव से लोग परेशान हो उठे। नाले-नालियों चोक हो गए हैं।
इनकी सफाई में बरती गई लापरवाही से हालात बेहद खराब हैं। लोग गंदे पानी से होकर आने-जाने को विवश हैं। पावर कॉर्पोरेशन प्रथम खंड के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार के मुताबिक, शहर में ज्यादा नुकसान नहीं है, सिर्फ सहादतगंज में 11 केवीए फीडर से आपूर्ति शनिवार दोपहर तक ठप रही।
रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार, विद्युत उपकेंद्र के पुरे डेलई, टाउन, पटरंगा, मवई आदि की बिजली ठप है। बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार, आंधी से कई जगह पेड़ की टहनियां गिरने से बिजली के तार टूट गए हैं। आधी रात से गुल हुई बिजली नहीं आई है।
जेई दिलीप कन्नौजिया ने कहा कि पेट्रोलिंग करके आपूर्ति बहाल करने की कोशिश हो रही है। तेज आंधी से बीकापुर, खजुरहट, चौरेबाजार,जाना बाजार, कोंछा, उमरपुर, रामपुर भगन में कई दुकानों के शेड व छप्पर उड़ गए। बाजार में जलभराव से दिक्कतें हैं।
उधर, देहात इलाकों में शनिवार पूरे दिन बिजली ठप रही। पावर कॉर्पोरेशन द्वितीय खंड के अधिशासी अभियंता एसपी यादव ने बताया, सभी पांच उपकेंद्रों की बिजली ठप है। बहाल करने को टीमें लगाई गई हैं। गोसाईगंज, तारुन, बीकापुर, मिल्कीपुर में कई जगह पेड़ व उसकी टहनियां पोल व तार पर गिरी हैं। कोशिश हो रही है, बिजली जल्द बहाल की जाए।