मेडिकल कॉलेज को लेकर लंबे समय से चल रही कवायद अब अंतिम दौर में है। केंद्र सरकार से कई बार प्रस्ताव वापस होने के बाद अब हवाई पट्टी के पास स्थित गंजा गांव में माध्यमिक शिक्षा विभाग की 18 एकड़ से अधिक भूमि ली जा रही है।
राजकीय निर्माण निगम ने दो सौ करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का डीपीआर तैयार किया है। इसमें जिला अस्पताल के बजाय मंडलीय अस्पताल दर्शन नगर शामिल होगा, जहां निर्माणाधीन 300 बेड के अस्पताल में मानक पूरा करने के लिए 200 बेड और बनाए जाएंगे। गंजा गांव में बैच चलाने के लिए क्लास रूम, लैब, हॉस्टल आदि प्रस्तावित किए गए हैं। अफसरों का कहना है कि केंद्र सरकार से स्वीकृति न मिलने का अब कोई कारण शेष नहीं है, जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो जाएगा।
फैजाबाद में मेडिकल कॉलेज खोलना केंद्र व राज्य दोनों सरकारों की प्रतिबद्धता रही है। भूमि की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार से प्रस्ताव भेजने में मानक पूरा नहीं हो पा रहा था। हाल ही में यहां आए मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि उपलब्धता सुनिश्चित कराने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद डीएम ने एसडीएम सदर, स्वास्थ्य विभाग व राजकीय निर्माण निगम की एक टीम बनाकर भूमि उपलब्धता मानक के अनुसार सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई।
एसडीएम सदर अमित सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के मानक के मुताबिक भूमि गंजा गांव में उपलब्ध हो गई है। यह 18 एकड़ 10 विस्वा भूमि माध्यमिक शिक्षा विभाग की है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के साथ बैठक हुई, जहां से भूमि के सर्वे के लिए टीम बनीं। शासन से अंबेडकरनगर मेडिकल कॉलेज के एक प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग से एक प्रतिनिधि और राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर ने आकर सर्वे किया।
भूमि सड़क से सटी है, जिला अस्पताल से इसकी दूरी 5 किमी व मंडलीय अस्पताल से भी इतनी ही दूरी है। कहीं लो लैंड नहीं है। भूमि माध्यमिक शिक्षा विभाग की होने से शासन स्तर से हैंडओवर प्रस्तावित किया गया है। तत्कालीन सीएमओ राधेश्याम यादव ने बताया कि मंडलीय अस्पताल और गंजा गांव की प्रस्तावित भूमि मिलाकर 30 एकड़ होगी। एमसीआई से बदले मानक से अब दो स्थानोें पर कॉलेज बन सकता है, बशर्ते इनकी दूरी 10 किमी तक ही हो, जबकि यहां दूरी इसकी आधी है। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर वीके सिंह ने भी उपलब्ध कराई गई भूमि को मानक के अनुसार बेहतर बताया।