तारुन सीएचसी से सटे धरमपुर गांव के कई मजरों में संक्रामक रोग पांव पसार रहे हैं। इस गांव में 32 बच्चे खसरा की चपेट में हैं जबकि हैदरगंज क्षेत्र के कई गांव में तमाम बच्चे चेचक की गिरफ्त में आ गए हैं।
धरमपुर गांव के मजरे झलियाहवा निवासी कन्हैयालाल यादव ने बताया कि उनके घर के चार बच्चे खसरे से ग्रसित हैं। जबकि बृजलाल तथा हंस बहादुर ने बताया कि उनके घरों के कई बच्चों सहित गांव के 32 बच्चे खसरा से पीड़ित हैं।
गांव के कई लोगों ने आशा, एएनएम से लेकर सीएचसी के डॉक्टरों तक को जानकारी दी लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। फतेपुर कमासिन, सौनारा गाऊपुर, झगरू तिवारी का पूरा, केवला पुर, बनघुसरा में भी चेचक ने पांव पसार लिए हैं।
इस बारे में सीएचसी अधीक्षक डॉ. वेदप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि खसरे की रोकथाम के लिए देवराज तिवारी व सालिगराम को दवा वितरण के लिए लगाया गया है। वहीं, हैदरगंज के कई गांवों में चेचक का प्रकोप शुरू हो गया है।
सीहीपुर निवासी शिवम (9), आशीष (6), राहुल (3), केरालालखा के साहिल (7), अंशु (7), रिया (5), घोपा के अभय (6), अरविंद (9), कटका मकदूमपुर की प्रज्ञा (3), कुंवाडॉड के रोहित (9) सहित कई अन्य बच्चे चेचक से बीमार हैं।
स्वाथ्य केंद्र पर दवा न होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों को निजी डॉक्टरों से महंगा इलाज कराना पड़ रहा है।