अवध प्रांत के सह कार्यवाह व होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अनिल मिश्र राममंदिर निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट में सदस्य बनाए जाने को राम की कृपा बताते हैं। वे कहते हैं कि अयोध्या में बनने वाला राममंदिर हिंदू समाज की भावनाओं का मंदिर होगा।
नवगठित ट्रस्ट श्रीराममंदिर निर्माण का अगला कदम तय करेगा। उन्होंने कहा कि प्रभु राम की कृपा से ही उन्हें राममंदिर निर्माण में भूमिका निभाने का अवसर मिला है, सब कुछ राम कृपा से भव्यतम तरीके से होगा। पेश हैं श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्रा से हुई बातचीत के अंश...।
राममंदिर ट्रस्ट का ट्रस्टी बनने पर कैसा लगा?
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के माध्यम से संगठन द्वारा सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन मैं पूरी निष्ठा से सदैव करता रहा हूं। केंद्र सरकार द्वारा गठित न्यास में ट्रस्टी बनाए जाने की जानकारी मिलने पर मुझे लगा कि मेरी वर्षों की सेवा का यह प्रतिफल है। न्यास के ट्रस्टी के रूप में एक नई जिम्मेदारी मिली है, यह सब प्रभु राम की कृपा की परिणाम है।
श्रीराम मंदिर निर्माण के प्रारूप पर आपका क्या कहना है?
ट्रस्ट की बैठक में श्रीराममंदिर निर्माण के प्रारूप, समय सीमा सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। रामनगरी के पूजनीय संतों के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया जाएगा। परिस्थितियों के अनुसार निर्णय होगा। अभी यह कहना ठीक नहीं है कि विश्व हिंदू परिषद ने जो राम मंदिर का मॉडल दिया है उसी के अनुरूप नया राम मंदिर बनेगा, अभी इसे बताया नहीं जा सकता।
राममंदिर निर्माण में आपकी भूमिका किस तरह की होगी?
जिस प्रकार रामसेतु बनाने में गिलहरी की भूमिका थी, उसी प्रकार राममंदिर निर्माण में गिलहरी की भांति ही हमारी भूमिका होगी। मंदिर हिंदू समाज की भावनाओं के अनुरूप ही बनेगा। हम नहीं चाहते हैं कि राममंदिर निर्माण में इतना समय लगे कि एक पीढ़ी गुजर जाए। शीघ्र मंदिर निर्माण होगा, धीरे-धीरे सारी चीजें स्पष्ट कर दी जाएंगी। बस थोड़ा और इंतजार करने की जरूरत है।
राम मंदिर आंदोलन में आपकी क्या सक्रिय भागीदारी रही?
संघ का स्वयंसेवक हूं। आपातकाल के दौरान ही संघ से जुड़ा रहा। एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अपनी सेवा देता रहा। राममंदिर आंदोलन की प्रत्येक गतिविधियों को नजदीक से देखा है। संघ के कार्यों का एक हिस्सा राममंदिर मुक्ति आंदोलन भी था। संघ ने समय-समय पर जो भी जिम्मेदारियां मंदिर आंदोलन में सौंपी, उसे मैंने प्रतिबद्धता के साथ निभाया है।
क्या रामनवमी में मंदिर निर्माण की नींव पड़ सकती है?
राममंदिर निर्माण की तिथि व तारीख तो स्वयं भगवान राम को ही तय करना है। फिर भी यह कहना मुश्किल है कि रामनवमी के दिन राममंदिर निर्माण की नींव पड़ सकती है। क्योंकि इस दिन लाखों भक्त अयोध्या में होते हैं, और इसी दिन राममंदिर के नींव की बात होगी तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ेगा। ऐसे में स्थिति-परिस्थिति प्रभावित होगी।