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राम की पैड़ी व सरयू के चिन्हित घाटों पर पहुंचा दीप, आज से लगाने का कार्य होगा शुरू

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अयोध्या-घाटों पर रखे गये दीप।-संवाद - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। दीपोत्सव-2022 को भव्य बनाने के लिए गुरुवार को राम की पैड़ी व सरयू घाट पर दीपक पहुंचाए गए। प्रत्येक घाट पर तय दीपों की संख्या के अनुसार दीपकों का ढेर लगाया गया। करीब पांच हजार वालंटियर्स शुक्रवार से राम की पैड़ी पर दीप बिछाने का कार्य शुरू कर देंगे। शनिवार को सभी 22 हजार वालंटियर्स घाट पर पहुंच जाएंगे।
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23 अक्तूबर को दीपों में तेल भरा जाएगा व शाम को उसे प्रज्जवलित किया जाएगा। प्रत्येक दीपक में 40 मिली. सरसों का तेल डाला जाएगा, साथ ही एक बत्ती लगाई जाएगी। विवि प्रशासन के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा रामलला के दरबार में पहला दीप जलाने के साथ इस समारोह का शुभारंभ हो जाएगा।
अवध विश्वविद्यालय ने दीपोत्सव आयोजन को लेकर गुरुवार को राम की पैड़ी के सभी घाटों पर दीए पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया है। दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. अजय प्रताप सिंह की निगरानी में सीमांकित घाटों पर 100 से अधिक श्रमिकों के माध्यम से दीपों को पहुंचाया गया।
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नोडल अधिकारी ने बताया कि दीपोत्सव के लक्ष्य को स्वयंसेवकों द्वारा पूरा किया जाएगा। बताया कि 21 अक्तूबर को आवासीय परिसर के पांच हजार स्वयंसेवक दीए बिछाने का कार्य शुरू कर देंगे। विश्वविद्यालय परिसर से सुबह आठ बजे स्वयंसेवकों को ले जाने के लिए करीब 20 बसों का इंतजाम किया गया है।
22 अक्तूबर को विश्वविद्यालय, संबद्ध महाविद्यालयों व स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवक सभी घाटों पर दीए बिछाने का कार्य करेंगे। दीपोत्सव के दिन दीए में तेल व बाती लगाने के साथ नियत समय पर दीप प्रज्ज्वलित करेंगेे। बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत सभी स्वयंसेवकों को विश्वविद्यालय से दीपोत्सव पहचान-पत्र जारी कर दिया गया है।
राम की पैड़ी व सरयू नदी के 37 घाटों पर करीब 17 लाख दीए बिछाए जाएंगे। शासन द्वारा निर्धारित 15 लाख से ज्यादा दीप जलाए जाएंगे। प्रत्येक दीपों में 40 मिली. सरसों का तेल भरा जाएगा। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए इन दीपों का लगातार पांच मिनट तक जलना अनिवार्य है। वहीं विवि प्रशासन ने इन दीपों के 15 मिनट तक जलने की योजना बनाई है।
दीपों में तेल भरने के लिए करीब तीन हजार टिन सरसों का तेल राम की पैड़ी पर पहुंच गया है। साथ ही रुई की बत्ती, कपूर और माचिस की आपूर्ति का काम भी पूरा हो गया है। वालंटियर्स सुरक्षित व तेज गति से दीप जला सकें, इसके लिए करीब दो फिट की लकड़ी की स्टिक में मोमबत्ती लगाई गई है। स्टिक पर लगी मोमबत्तियों को माचिस से जलाया जाएगा, इसके बाद बत्तियों को जलाया जाएगा।
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