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Ayodhya News: घाटे से उबर गया जिला सहकारी बैंक

Thu, 06 Apr 2023 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। सहकारिता के आधार पर चलने वाला जिला सहकारी बैंक अयोध्या घाटे से उबर गया है। इसे किसानोंं का बैंक भी कहते हैं। 31 मार्च को समाप्त हुए साल में बैंक को लगभग 41.75 लाख रुपये का लाभ हुआ है। निवेश व कार्यशील पूंजी बढ़ने और एनपीए व व्यय घटने से बैंक को यह लाभ माना जा रहा है। अब किसानों सहित अन्य उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।बैंक जैसे वित्तीय संस्थान को घाटे से लाभ में ला पाना अर्थशास्त्र में बड़ा मुश्किल काम माना जाता है। ऐसे में जिला सहकारी बैंक के लिए हानि से लाभ में बदल लेने को बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। जिला सहकारी बैंक का कार्यक्षेत्र अयोध्या के साथ अंबेडकरनगर भी है। इससे लगभग 98 हजार किसान और 10 हजार वेतनभोगी समितियों के साथ अन्य बैंक खातेे हैं। बैंक किसानों को खाद-बीज और नकदी उपलब्ध कराने वाली सहकारी समितियों को ऋण प्रदान करता है। वेतनभोगी समितियों के जरिए कर्मचारियों को विभिन्न कार्यो के लिए कर्ज देता हैं। यह इसका मूल कारोबार है।
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आम उपभोक्ताओं के लेन-देन के लिए बैंक में खाते भी हैं। सहायक निबंधक सहकारिता अभय सिंह व बैंक के महाप्रबंधक/सचिव सुधांशु चौधरी ने बताया बैंक घाटे से उबर कर लाभ की स्थिति में आ गया है। (संवाद)

273 लाख के घाटे से उबरा
-किसानों का बैंक वित्तीय साल 2021-22 में 273 लाख के घाटे में था। इसको लेकर खूब किरकिरी हुई थी। वित्तीय साल 2022-23 की समाप्ति पर यह 41.75 लाख रुपये के लाभ में पहुंच गया। अप्रत्यक्ष बैंक ने लगभग 315 लाख का लाभ कमाया।
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24 में तीन शाखाएं रह गई घाटे में
-दोनों जिलों में बैंक अपनी 24 शाखाओं से सेवा दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक समाप्त हुए वित्तीय साल में केवल तीन शाखाएं ही घाटे में रह गई। 21 ने लाभ कमाया। घाटे की तीन शाखाओं में उल्लेखनीय वृद्धि बताई गई है।


बैंक से जुड़े किसान भी खुश
-पिछले वित्तीय साल में घाटे से किसान इसे अपने लिए अशुभ मानते थे लेकिन इस साल लाभ से वह भी उत्साहित हैं। सोहावल समिति से जुड़े किसान नरेंद्रदेव पांडेय कहते हैं कि इससे किसानों को जरुरतों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसान इंद्र बहादुर कहते हैं कि सहकारिता मजबूत होगी तो किसान को लाभ मिलेगा। चाहे वह सहकारी बैंक या फिर सहकारी समितियां।
वित्तीय साल 2022-23 में बैंक को 41.75 लाख रूपये का लाभ हुआ है। यह बैंक के लिए बड़ी उपलब्धि है। बैंक के सभी डायरेक्टर, अधिकारी व कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास से ऐसा संभव हुआ है। बैंक बेहतर सुविधा देने में सक्षम होगा। - धर्मेंद्र प्रताप सिंह, चेयरमैन
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