अयोध्या। रामनगरी आने वाले भक्तों को अब रामलला के दर्शन के साथ-साथ रामकथा भी देखने को मिलेगी। सरयू तट स्थित रामकथा संग्रहालय में रामायण की चौपाइयां गूंजेगी। यहां 10 करोड़ की लागत से डिजिटल रामायण गैलरी बनकर तैयार हो चुकी है। प्रशासन 19 दिसंबर से यह भक्तों के लिए खोल देगा। यहां भक्त थ्रीडी तकनीक और एलईडी के जरिए रामकथा देख सकेंगे।
रामायण सर्किट योजना के अंतर्गत रामकथा संग्रहालय में एक ऑडिटोरियम बनाया गया है। इसमें चार डिजिटल गैलरी बनकर तैयार हो चुकी हैं। एक गैलरी में 30 लोग बैठ सकेंगे। डिजिटल रामायण गैलरी में राम की गाथा जीवंत प्रतीत होती दिखेगी। यहां हर रोज सुबह-शाम एक-एक घंटे हिंदी में रामकथा की डिजिटल प्रस्तुति की जाएगी।
प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राफिक, थ्रीडी तकनीक व एलईडी से रामकथा का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। गैलरी में रामायण की थीम पर ऑडियो, वीडियो विजुअल के माध्यम से रामायण के चरित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस योजना के तहत अभी तक जो श्रद्धालु रामायण को किताबों में और टीवी सीरियल के माध्यम से देखा करते थे, वे सारे प्रसंग अब नए अंदाज में यहां देख सकेंगे।
चारों गैलरियों में अलग-अलग तरीके से रामकथा का प्रदर्शन किया जाएगा। एक गैलरी में बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन पर रामकथा दिखेगी, तो दूसरे में थ्री डी तकनीक से रामायणकालीन युग जीवंत होता दिखेगा। इसी तरह दो अन्य गैलरियों में होलोग्राफिक व प्रोजेक्शन मैपिंग के माध्यम से रामकथा की प्रस्तुति की जाएगी।
सूर्यवंशी राजाओं के इतिहास से होंगे रूबरू
डिजिटल रामकथा की स्क्रिप्ट अयोध्या राजघराने के सदस्य यतींद्र मिश्र ने तैयार की है। रामकथा की डिजिटल प्रस्तुति के तहत प्रभु श्रीराम की कथा की शुरुआत इतिहास से होगी जिसमें सूर्यवंशी राजाओं का संपूर्ण इतिहास शामिल होगा।
जो भी चित्र बनाये गए हैं उन पर पहले गहन शोध किया गया है। हर चरित्र के मुख के भाव की अभिव्यक्ति का उसमें समावेश दिखेगा। प्रभु श्रीराम की कथा को ऐसे दर्शाया जाएगा जिससे बच्चे और युवा उनकी जीवनी से भली-भांति परिचित हो सकें।
रामकथा आधारित डिजिटल गैलरी का निर्माण पूरा कर लिया गया है। 19 दिसंबर को जिलाधिकारी नितीश कुमार द्वारा इस गैलरी को भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। डिजिटल गैलरी में सुबह-शाम एक-एक घंटे की रामकथा का प्रदर्शन थ्रीडी तकनीक से किया जाएगा।-आरपी यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अयोध्या