अयोध्या। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से धन्नीपुर के पांच एकड़ में प्रस्तावित परियोजना का नक्शा आठ विभागों की एनओसी देने के बाद ही पास हो सकेगा।
ट्रस्ट एनओसी व अन्य आवश्यक प्रपत्र एकत्रित करने की कवायद में जुटा हुआ है। हालांकि नक्शा पास की प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाने से प्रपत्र पहले की अपेक्षा काफी अधिक जमा करने हैं।
इसमें विशेष एनओसी व प्रपत्रों को जमा करने में ट्रस्ट को समय लग रहा है। मानकों के अनुरूप ट्रस्ट को उड्डयन मंत्रालय दो एनओसी देनी है। इसमें अयोध्या में बनने वाले हवाई अड्डे व दूसरी एनओसी लखनऊ स्थित एयरपोर्ट अथॉरिटी से लेनी है।
इसके साथ ही जिलाधिकारी से भी भूमि संबंधित एनओसी लेनी है। राम जन्मभूमि व बाबरी मस्जिद के विवादित फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को बाबरी मस्जिद के बदले पांच एकड़ भूमि अयोध्या में दिए जाने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या जनपद के सोहावल तहसील स्थित धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ भूमि दी है। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने यहां मस्जिद के निर्माण के लिए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के नाम से एक ट्रस्ट बनाकर पांच एकड़ के लिए मस्जिद समेत एक हॉस्पिटल, एक कम्युनिटी किचन एक अनुसंधान केंद्र बनाए जाने का निर्णय लिया है।
ट्रस्ट की ओर से पांच एकड़ की तीनों योजनाओं का सम्मिलित रूप से नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण में 24 मई को ऑफलाइन जमा किया है।
प्राधिकरण ने नक्शे के जमा होते प्रदेश सरकार से अनुमति लिए जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में शासन के अधिकारियों द्वारा अयोध्या विकास प्राधिकरण को अवगत कराया गया कि अब कोई भी बड़ा से बड़ा नक्शा ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
इसके बाद ट्रस्ट की ओर से ऑनलाइन नक्शा जमा कर दिया गया है। यह नक्शा अपलोड होने के बाद शासन से अयोध्या विकास प्राधिकरण को भेज भी दिया है। मौजूदा समय में नक्शा पास होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इसमें मानकों के अनुरूप इस्लामिक ट्रस्ट को विभिन्न विभागों की एनओसी व प्रपत्र पेश करने हैं। इसमें फायर, एरीगेशन, एयरपोर्ट अथॉरिटी, राजस्व विभाग, जिला अधिकारी समेत लगभग आठ विभागों की एनओसी पेश ली जानी है।
इसमें एनओसी व प्रपत्रों को लेकर इस्लामिक ट्रस्ट पशोपेश में है। खास तौर एयरपोर्ट अथॉरिटी व जिला अधिकारी की ओर से दी जाने वाली एनओसी प्रमुख है।
मानकों के अनुरूप पहले एयरपोर्ट से चार किलोमीटर की परिधि में ही होने पर ही एयरपोर्ट अथॉरिटी की एनओसी देनी पड़ती थी, जबकि ऑनलाइन में 54 किलोमीटर तक की दूरी व निर्माण के लिए एनओसी देनी पड़ती है।
इसमें इस्लामिक ट्रस्ट को अयोध्या में प्रस्तावित एयरपोर्ट व लखनऊ के एयरपोर्ट की एनओसी की जरूरत है। यही मामला जिला अधिकारी की ओर से दी जाने वाली एनओसी का भी है जबकि भूमि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जिला अधिकारी की ओर से ही चिह्नित कर दी गई है।
इन दोनों मामलों व अन्य प्रपत्रों को लेकर धनीपुर मस्जिद का नक्शा का नक्शा डेढ़ माह से अधिक समय के बाद भी पास नहीं हो पा रहा है। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट को अयोध्या जनपद में एक ट्रस्टी की तलाश है।
पिछले दिनों अयोध्या में मस्जिद के ट्रस्टी रहे कैप्टन अफजाल अहमद की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से ट्रस्ट का एक पद रिक्त रिक्त है। इसमें ट्रस्ट की ओर से नए सदस्य का चयन किया जाना है।
ट्रस्ट पढ़े-लिखे व मुस्लिम समाज में स्वच्छ छवि रखने वाले की तलाश कर रहा है। जल्द ही ट्रस्ट की ओर से अयोध्या जनपद के ट्रस्टी के नाम की घोषणा हो सकती है।
अयोध्या के धनीपुर स्थित मस्जिद के नक्शे को पास कराने के लिए कुछ प्रपत्र व कुछ एनओसी की आवश्यकता है। जिसके लिए इस्लामिक ट्रस्ट को बता दिया गया है। ट्रस्ट की ओर से जैसे ही प्रपत्र व एनओसी वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे नक्शा पास करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।- आरपी सिंह, सचिव अयोध्या विकास प्राधिकरण
ऑनलाइन नक्शा की जमा करने में पहले की अपेक्षा कुछ अधिक प्रपत्र जमा करने हैं इस को जल्द इस को जल्द ही जमा करने की कोशिश की जाएगी साथ ही जुलाई माह के अंतिम पखवारे में ट्रस्ट के लोग अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलकर स्थिति के बारे में जानकारी लेंगे।- अतहर हुसैन, सचिव इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन