अयोध्या। रामजन्म भूमि के सुरक्षा सलाहकार बीएसएफ के सेवानिवृत्त डीजी केके शर्मा शनिवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। देर शाम को कारसेवक पुरम में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की।
बैठक में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था आदि को लेकर मंथन किया गया। तय हुआ है कि मंदिर निर्माण के बाद नई दर्शन व्यवस्था के तहत 16 कतारों में भक्तों को राम लला का दर्शन कराया जाएगा। इससे भीड़ नियंत्रण में आसानी होगी। अभी दर्शन की मात्र चार कतारें ही लगती हैं। मंदिर बन जाने के बाद हर रोज करीब एक लाख दर्शनार्थी रामलला के दरबार में पहुंचेंगे। ऐसे में भीड़ नियंत्रण का प्लान तैयार किया जा रहा है।
मंदिर बन जाने के बाद 8 पुरुष और 8 महिला लाइन में भक्तों को दर्शन कराया जाएगा। इसके अलावा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगी। रामलला के गर्भ गृह में प्राण प्रतिष्ठित होने के बाद जनवरी 2024 से यह नई व्यवस्था लागू करने की योजना है। बैठक में राइट्स के इंजीनियरों ने भी भीड़ नियंत्रण को लेकर अपना सुझाव दिया है।
वे रविवार को इसको लेकर ट्रस्ट व समिति के पदाधिकारियों के समक्ष अपना प्रेजेंटेशन भी देंगे। सुरक्षा उपकरण किन-किन जगहों पर लगाया जाए, परिसर में कितने सीसीटीवी कैमरे लगें, यात्रियों के सामानों की जांच पड़ताल के लिए कहां और कैसे व्यवस्था की जाए, इन सब बिंदुओं पर भी बैठक में चर्चा हुई। बैठक में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्रा, एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।