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रामलला के दर्शन को उमड़ रहे श्रद्धालु, सुविधाएं नदारद

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अयोध्या में रामलला के दर्शन करने करने के लिए कतार में खड़े श्रद्धालु। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। रामलला के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी है, लेकिन अभी भी दर्शन मार्ग पर भक्तों के लिए सुविधाएं नदारद हैं। रामलला मंदिर के लिए दो किमी. लंबे दर्शन मार्ग पर न बैठने के इंतजाम हैं न ही प्रसाधन व पेयजल की व्यवस्था।
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यदि बारिश हो गई तो बिना भीगे भक्त रामलला का दर्शन नहीं कर सकते। वर्तमान में भीषण ठंड का दौर होने के बावजूद कहीं भी अलाव के इंतजाम तक नहीं हैं। यह स्थिति तब है जब राममंदिर के हक में फैसला आने के बाद रामलला को अस्थायी मंदिर में विराजमान हुए करीब 10 महीने बीत गए हैं।
वहीं, राममंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को देश भर से करोड़ों का चंदा भी आ रहा है। श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण शुरू होने के साथ ही रामलला के दर्शन की लालसा भी भक्तों को अयोध्या ला रही है।
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श्रद्धालु तो तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन भक्तों के लिए रामलला के दर्शन मार्ग पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बेहतर इंतजाम नहीं कर पा रहा है। रामलला के करीब दो किमी. दर्शन मार्ग पर रामभक्तों के लिए न तो कहीं बैठने के लिए बेंच लगवाई गई न ही अन्य कोई इंतजाम है।
आसपास दूर-दूर तक प्रसाधन भी नहीं हैं। जिसके चलते खुले में या आसपास के मठ-मंदिरों में जाना लोगों की मजबूरी है। रामजन्मभूमि क्षेत्र में पार्किंग तक की व्यवस्था नहीं हो पाई है। यहीं नहीं इस समय भीषण ठंड का है इसके बावजूद दर्शन मार्ग पर भक्तों के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं है।
बारिश होने पर भक्तों के लिए समस्या और विकट हो जाती हैै। प्रवेश मार्ग से लेकर निकास मार्ग तक मात्र 10 प्रतिशत तक ही कवर्ड एरिया है। भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी भी मंदिर के हक में फैसला आने के पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रामभक्तों के लिए रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग पर व्यवस्था सुधारने की मांग कर चुके हैं।
पौष पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। मध्यप्रदेश के सागर से पहुंचे शैलेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि पूरे दर्शन मार्ग पर पर सुविधाएं नदारद हैं। बंदरों की भी एक बड़ी समस्या है, प्रसाधन के इंतजाम भी नहीं है।
वहीं लखनऊ के संदीप कांत त्रिवेदी ने कहा कि दर्शन मार्ग पर कहीं भी बैठने तक के इंतजाम नहीं हैं। लखनऊ की ही निवासी महिला श्रद्धालु पंकज मिश्रा को भीषण ठंड में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष 05 अगस्त को जब से राममंदिर का भूमिपूजन किया तब से अयोध्या में दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ने लगी है। एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय बताते हैं कि रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
खासकर शनिवार व रविवार को 10 से 15 हजार श्रद्धालु दर्शन को आ रहे हैं। यही नहीं छुट्टियों वाले दिन व पर्व व त्योहार पर भी बढ़ी संख्या में रामलला के दर्शन को भक्त पहुंच रहे हैं। 26 जनवरी को ही करीब 21 हजार से अधिक भक्तों ने रामलला के दर्शन किए।
रामलला के दर्शन की अवधि बढ़ाने की मांग संत-धर्माचार्य भी उठा चुके हैं। इसको लेकर विगत दिनों रामनगरी के संतों ने ट्रस्ट सहित पीएम व सीएम को पत्र भी भेजा था। इसमें मांग की थी कि रामनगरी के अन्य मंदिरों की तरह ही रामलला के दर्शन की भी व्यवस्था हो।
अभी रामलला का दर्शन दो पालियों में सुबह सात से ग्यारह व दोपहर दो से छह बजे तक कुल 8 घंटे है। ऐसे में जिस दिन ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं भक्तों को दर्शन के लिए मात्र 30 सेकेंड ही मिल पाते हैं। ऐसे में दर्शन की अवधि 10 से 12 घंटे करने की मांग हो रही है।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बृहस्पतिवार को रामजन्मभूमि सहित उससे सटे इलाकों का निरीक्षण किया। डीएम ने रामजन्मभूमि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था, यात्री सुविधा व राममंदिर की ओर जाने वाली सड़कों की दशा देखी।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे राममंदिर निर्माण का काम तेज होगा, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैय्या कराने की योजना बन रही है। इसी के तहत आज रामजन्मभूमि क्षेत्र का निरीक्षण किया है। रामजन्मभूमि जाने वाली सड़कों को दुरुस्त कराने के साथ ही साथ भक्तों के लिए बेहतर इंतजाम करने पर जोर है।
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वीकेंड पर आए रामलला के दर्शनार्थी
1 जनवरी- 47621
2 जनवरी- 23519
3 जनवरी-12225
5 जनवरी -17186
9 जनवरी - 11519
17 जनवरी- 12320
23 जनवरी- 13245
24 जनवरी- 10581
26 जनवरी- 21225
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