अयोध्या। रामनगरी को पर्यटन की दृष्टि पर विकसित करने के लिए योजना तैयार हो गई है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत 90 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या को पर्यटन के मानकों पर स्थापित किया जाएगा।
इसमें कुंडों के विकास के साथ, शिल्पग्राम, कल्पवास क्षेत्र का विकास, यात्री निवास व अन्य विकास कार्य होंगे। समस्त कार्यों के लिए संबंधित विभागों को डीपीआर बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। शासन की मंजूरी के बाद योजना को अमल में लाया जाएगा।
अयोध्या को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए स्वदेश दर्शन योजना फेज-2 को परवान चढ़ाने की तैयारी में जुटा है। योजना के मद्देनजर निजी कंपनी की ओर से सर्वे किया जा चुका है। कंपनी ने जिले के आला अफसरों के सामने अपना प्रजेंटेशन भी किया है।
आला अफसर योजना से सहमत भी हैं। प्रथम चरण में 7 पौराणिक कुंडों का विकास, 5 जैन मंदिरों का रेनोवेशन, रामनगरी प्रमुख मंदिरों पर फसाड लाइट, 100 कक्ष के यात्री निवास, शिल्पग्राम परिसर का सौंदर्यीकरण, कल्पवास क्षेत्र का विकास, प्रतीक्षालय व कैंटीन आदि शामिल हैं।
कार्यों से संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि योजना का डीपीआर व डिजाइन तैयार करें। इसमें संबंधित जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग व राय लें। कुंडों के बारे में बताया गया है कि 84 कोसी परिक्रमा की परिधि में पौराणिक कुंडों को चिह्नित किया जाए। साथ ही इनका भी विकास कराया जाए।
कल्पवास क्षेत्र में ध्यान व योग करने वालों के लिए कुटीनुमा घर सरयू किनारे बनाने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार कला गांव की तर्ज पर शिल्पग्राम को विकसित किया जाना है। पूरी योजना की लागत 90 करोड़ रुपये है। शासन की मंजूरी के बाद अमल में लाई जाएगी।
वीआईपी जोन में विकसित होगा अयोध्या नाका हाईवे
अगले तीन वर्षों में अयोध्या से नाका बाईपास का इलाका वीआईपी जोन में विकसित होगा। हाईवे के किनारे आवास विकास परिषद नई अयोध्या विकसित करने की तैयारी में है। साथ ही भगवान राम की सबसे बड़ी मूर्ति भी हाईवे के पास ही लगनी हैं। इसी रास्ते पर एयरपोर्ट भी विकसित किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज पहले से इसी मार्ग पर है।
पहले से ही इस मार्ग पर कई बड़े होटल हैं। वहीं पर्यटन नीति के तहत जिन 20 होटलों का प्रस्ताव है, अधिकांश इसी मार्ग पर खुलने हैं। इनमें से 6 होटलों का निर्माण शुरू हो चुका है। कुछ अभी नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में लगे हैं। अगले तीन साल में ये रामनगरी का सबसे पार्श्व इलाका बनने जा रहा है। यहां भूमि की खरीदारी के लिए लोग घूम रहे हैं। हालांकि इन इलाकों में बड़े बैनामे नहीं हो रहे हैं।
स्वदेश दर्शन योजना के तहत अयोध्या को विकसित किया जाना है। इसमें कुंडों के विकास से लेकर शिल्पग्राम, कल्पवास क्षेत्र सहित अन्य विकास कार्य होने हैं। शासन की अनुमति के बाद योजना परवान चढ़ेगी।
आरबी यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अयोध्या