शिक्षामित्रों के धरने को संबोधित करते संघ के पदाधिकारी।
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सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए नाराज शिक्षामित्र शनिवार को दिनभर बीएसए कार्यालय पर गरजते रहे। शिक्षामित्रों ने दिनभर भाषणबाजी व जमकर नारेबाजी की। इस बीच धरनास्थल पर पहुंचे राज्यसभा सांसद विनय कटियार को ज्ञापन सौंपा तथा सोमवार को लखनऊ में महाआंदोलन की घोषणा की।
समायोजन निरस्तीकरण के बाद शुरू हुए आंदोलन को शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्थगित कर दिया था। पखवारे भर बाद भी सरकार की तरफ से प्रभावी कार्रवाई न होने पर नाराज शिक्षामित्रों ने सरकार पर वादाखिलाफी का अरोप लगाते हुए फिर आंदोलन शुरू कर दिया।
आंदोलन के तीसरे दिन शनिवार सुबह से बीएसए कार्यालय पर शिक्षामित्र एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान राज्यसभा सांसद विनय कटियार, विधायक इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू, विधायक रामचन्द्र यादव के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे।
शिक्षामित्रों ने उन्हें अपनी व्यथा बताई, साथ ही प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा व सरकार से अध्यादेश लाकर नौकरी व सम्मान बचाने की मांग की। सांसद व विधायकों ने मुख्यमंत्री से बात करके जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
जिला पंचायत सदस्य राजन पांडेय ने भी शिक्षामित्रों के आंदोलन को समर्थन देते हुए हर मदद का भरोसा दिया। धरने को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह ने कहा कि यूपी सरकार केंद्र सरकार के माध्यम से संसद में अध्यादेश पारित कराने में जितनी देरी करेगी, आंदोलन उतना ही आगे बढ़ेगा।
पूर्व अध्यक्ष चक्रवर्ती सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों को अध्यापक बनाये रखने के लिए सरकार जल्द व्यवस्था करें। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों से किये गए वादे को निभाने से भाग रही है। मीडिया प्रभारी अनूप द्विवेदी ने कहा कि योगी सरकार वादे निभाने के बजाय शिक्षामित्रोें को कानूनी पाठ पढ़ा रही है।