श्रमिक की पत्नी का सड़क पर मुस्लिम महिलाओं ने कराया प्रसव।
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सोहावल। दिल्ली से अंबेडकरनगर वापस घर जा रहे श्रमिक को पत्नी सहित रोडवेज बस में ही प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो रौनाही थाने के पास सड़क के किनारे उतार दिया गया। आसपास से निकल कर आईं मुस्लिम महिलाओं ने मिलकर सड़क किनारे सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने अपने पहले पुत्र को जन्म दिया है।
दिल्ली से जान बचाकर कई साधनों के सहारे गर्भवती पत्नी रूबी (21) को लेकर किसी तरह दलित विमल (24) टोल प्लाजा तहसीनपुर पहुंचा। यहां से एक रोडवेज पर अंबेडकरनगर के लिए सहारा मिला लेकिन रौनाही थाने के पास तक पहुंचते ही महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी।
बस के चालक ने दोनों को सामान सहित सड़क के किनारे उतार कर अपना पीछा छुड़ाया। महिला की चीख पुकार सुनकर हाईवे के किनारे रहने वाली नसीमबानो सहित कुछ महिलाओं ने पीड़िता की मदद कर प्रसव कराया और महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया।
प्रसव कराने वाली महिला ने बताया रविवार सुबह करीब सात बजे एक एंबुलेंस आई थी, लेकिन तब तक प्रसव अधूरा था इसलिए वापस कर दिया गया। हालांकि पूछे जाने पर दोपहर 12 बजे तक सीएचसी प्रभारी डॉ. एके सिंह व थाना रौनाही की पुलिस घटना की जानकारी से ही इनकार करती रही।
जीआईसी के स्क्रीनिंग सेंटर में महिला ने दिया बच्चे को जन्म
अयोध्या। जीआईसी स्क्रीनिंग सेंटर में रविवार को दोपहर पौने दो बजे एक महिला ने बच्चे को जन्म। मौके पर मौजूद आशा बहू ने प्रसव कराया। इसके बाद उसे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुमारगंज के इसौली भारी की रहने वाली महिला अपने पति रमेश के साथ अंबाला में मजदूरी करती थी। कोरोना के खौफ से पति-पत्नी अंबाला से सहारनपुर और सहारनपुर से रोडवेज बस से अयोध्या पहुंचे। रविवार को जीआईसी में हो रही थी थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान उसे प्रसव पीड़ा हुई। जिला म हिला अस्पताल में जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।