अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि चौथे दीपोत्सव में सुरक्षा व कोविड-19 के निर्देशों के पालन के लिए नया प्रयोग करने जा रहा है। विवि प्रशासन इस बार वालेंटियर्स बनाने के लिए गूगल फॉर्म तैयार करा रहा है। ये फॉर्म वालेंटियर्स बनने के इच्छुक विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों को भरना होगा।
साथ ही संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य, विवि के आवासीय परिसर के हेड ऑफ डिपार्टमेंट व स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रबंधक/ अध्यक्ष द्वारा ये फॉर्म प्रमाणित होना चाहिए। इस पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही विवि प्रशासन वालेंटियर्स का आई कार्ड जारी करेगा।
चौथा दीपोत्सव 11 से 13 नवंबर तक मनाया जाएगा। कार्यक्रम पहले से भव्य होगा लेकिन कोविड-19 के बचाव के निर्देशों का पालन करना होगा। इसके चलते पूरी दीपोत्सव की प्रक्रिया को वर्चुअल रखा गया है। घाट पर वालेंटियर्स, प्रशासन, नगर निगम सहित आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के अलावा किसी के जाने की इजाजत नहीं होगी। घाटों पर भीड़ न उमड़े इसके लिए अवध विवि अपने प्रशासन ने नई रणनीति तैयार की है।
विवि प्रशासन अपने स्तर पर गूगल फॉर्म तैयार करा रहा है। इसके लिए विवि के ईडीपी सेल सहित विशेषज्ञों की टीम ने कार्य शुरू कर दिया है। विवि ने तीन से चार दिन में गूगल फॉर्म भरकर परिसर के विभागाध्यक्ष, 35 महाविद्यालयों, 20 स्वयंसेवी संस्थाओं को भेज देगा।
ये फॉर्म वालेंटियर्स भरकर अपने संबंधित उच्च अधिकारियों से प्रमाणित कराकर विवि में नियुक्त नोडल अफसर को भेज देंगे। यहां से आई कार्ड जारी किए जाएंगे। विवि प्रशासन का मानना है कि इस बार कार्यक्रम वर्चुअल होने से लोगों की निगाहें आईकार्ड पर होंगी। इसके चलते विवि प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। इससे फर्जी आई कार्ड व वालेंटियर्स से बचा जा सकेगा।
बिना आई कार्ड नहीं मिलेगी कार्यक्रम स्थल पर जाने की अनुमति
जिला प्रशासन पहले ही घोषणा कर चुका है कि पूरा कार्यक्रम वर्चुअल होगा। इसमें दर्शकों के जाने की इजाजत नहीं है। 13 नवंबर यानी मुख्य कार्यक्रम के दिन वालेंटियर्स व जरूरी लोगों के अलावा कोई कार्यक्रम स्थल तक नहीं जा सकेगा। कार्यक्रम स्थल पर सिर्फ वही लोग जा सकेंगे जिन के पास प्रशासन से जारी पास या वालेंटियर्स पास होंगे।
अवध विवि प्रशासन सुरक्षा व कोविड- 19 से बचाव के निर्देशों के पालन के लिए वालेंटियर्स के सेलेक्शन में नई व्यवस्था लागू की है। सभी वालेंटियर्स को गूगल फॉर्म भरकर अपने संबंधित उच्च अधिकारियों से प्रमाणित करा कर देना होगा। इस बाद ही वालेंटियर्स कार्ड बन सकेंगे।
डॉ. शैलेन्द्र वर्मा, नोडल अफसर अवध विवि