अयोध्या में दीपोत्सव इस बार बेहद भव्य होगा। इसका विस्तार करते हुए पांच दिनों तक रामनगरी के साथ आसपास के पौराणिक स्थल भी दीपों की माला से सजेंगे। खास आयोजन राम की पैड़ी समेत श्रीरामजन्मभूमि, सूर्यकुंड, भरतकुंड, गुप्तारघाट, दशरथ समाधि स्थल तक होगा। प्रोजेक्शन मैपिंग के साथ आतिशबाजी खास आकर्षण होगी।
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- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन की योजना है कि राममंदिर के फैसले के बाद पहले दीपोत्सव में कई गुना दीप जलाकर नया इतिहास रचा जाए। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को डीएम की ओर से भेजी गई योजना में कोरोना को लेकर खास सतर्कता के सुझाव हैं। आम भक्तों को वर्चुअल माध्यम से साक्षी बनाने की तैयारी है। इस वर्ष 12 नवंबर से 16 नवंबर तक दीपोत्सव मनाने को लेकर प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। राममंदिर फैैसले के बाद पहली बार होने जा रहे दीपोत्सव को पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक भव्य बनाया जाना है। इसे लेकर नगर निगम समेत कई संस्थाओं को जिम्मेदारी दी जाएगी।
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- फोटो : amar ujala
दीपोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री से अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। 2017 में सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की शुरुआत की थी। पहली बार उत्सव में 1.76 लाख मिट्टी के दीप जलाए गए। लेकिन यह रिकॉर्ड साल-साल टूटता गया और पिछले साल 5.51 लाख दीप जलाने का विश्व रिकॉर्ड बना था। इस साल राम की पैड़ी के घाटों की लंबाई 500 मीटर और बढ़कर मुख्य कार्यक्रम स्थल रामकथा पार्क होते हुए सरयू तक हो गई है, जिसे जगमग करना है। साथ ही 500 वर्षों बाद पहली बार श्रीराम जन्मभूमि में भी दीपोत्सव की भव्यता दिखेगी। डीएम के प्रस्ताव में गुप्तारघाट, भरतकुंड, सूर्यकुंड व दशरथ समाधिस्थल को भी शामिल किया गया है। दीपोत्सव के दौरान शहर में एलईडी लाइट बॉक्स लगाए जाएंगे। ये बॉक्स एक नए तरीके से क्षेत्र को रोशन करेंगे। शहर की सड़कों पर रथ पर सवार राम दरबार को दर्शाती एक आश्चर्यजनक जीवंत आकृति भी दिखाई देगी।
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प्रोजेक्शन मैपिंग से दर्शाया जाएगा अयोध्या का महत्व
दीपोत्सव में प्रोजेक्शन मैपिंग के माध्यम से अयोध्या के महत्व को दर्शाया जाएगा। 15 मिनट के तीन से चार शो रोज होंगे। वहीं, छोटी दिवाली के दिन आतिशबाजी होगी। अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम को पहले ही राज्य मेला का दर्जा दिया जा चुका है। उधर, दीपोत्सव को लेकर शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में बैठक होगी।
कोरोना संक्रमण के कारण इस बार आयोजन में ज्यादा सावधानियां बरती जा रही हैं। मुख्य कार्यक्रम कैसे संपन्न होगा? इस पर कई चक्रों की बैठक हो चुकी है लेकिन अभी कार्यक्रम की रूपरेखा नहीं तय हो पाई है। हालांकि कार्यक्रम पिछली बार से ज्यादा भव्य हो, इसकी तैयारियां की जा रही हैं। रामलला के दरबार में भी भव्य दीपोत्सव मनाया जाएगा अबकी बार होने जा रहा दीपोत्सव ऐतिहासिक होगा। - वेदप्रकाश गुप्ता, नगर विधायक, अयोध्या