अयोध्या। रामनगरी में दीपोत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गईं हैं। अयोध्या को सजाने-संवारने का काम तेज कर दिया गया है। राम की पैड़ी से लेकर सरयू घाट व रामकथा पार्क को भव्य बनाने में कार्यदायी एजेंसियां तेजी से जुटी हैं।
राम मंदिर का फैसला आने के बाद होने जा रहे पहले दीपोत्सव को लेकर अयोध्यावासियों में भी उल्लास है। हालांकि कोरोना के चलते दीपोत्सव को लेकर अभी तक शासन से कोई गाइडलाइन नहीं जारी की गई है।
वनवास के बाद भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में त्रेतायुग जैसी दिवाली मनाने की परंपरा योगी सरकार ने 2017 में की थी। तब से दीप जलाने का हर साल नया रिकॉर्ड बनता आ रहा है।
राममंदिर के लिए भूमि पूजन होने के बाद इस बार दीपोत्सव को लेकर खासा उत्साह है इसलिए दीपोत्सव में एक नया रिकॉर्ड भी बन सकता है। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते दीपोत्सव का स्वरूप क्या होगा, भीड़ को किस तरह नियंत्रित किया जाएगा, इसको लेकर प्रशासन ने अभी कोई तैयारी नहीं की हैै।
इस बार दीपोत्सव में दीप जलाने का दायरा बढ़ सकता है। राम की पैड़ी का विस्तार अब दो गुना हो चुका है। राम की पैड़ी से लेकर चौधरी चरण सिंह घाट तक पैड़ी के घाटों के विस्तार का काम तेजी से किया जा रहा है। करीब 500 मीटर का घाट निर्माण अब पूरा होने को है। ऐसे में दीपोत्सव का दायरा इस बार एक किलोमीटर तक हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ रामकथा पार्क के भी विस्तारीकरण का काम अंतिम चरण में है। अब रामकथा पार्क में दर्शक क्षमता बढ़कर डेढ़ गुना हो जाएगी।
सफाई व्यवस्था पर फोकस
महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि दीपोत्सव को लेकर अभी कोई गाइडलाइन नहीं जारी की गयी है। फिर भी नगर निगम ने अपने स्तर से तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल अयोध्या की सफाई व्यवस्था पर फोकस है। सरयू घाट, राम की पैड़ी सहित विभिन्न मंदिरों के आसपास की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए क्षेत्रवार टीमें बनाई गईं हैं। सफाई व्यवस्था की प्रतिदिन मॉनिटरिंग भी की जाएगी। बताया कि बुधवार को उन्होंने नयाघाट, रामघाट, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, सरयू घाट आदि क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण भी किया है।
देश-विदेश के मेहमान व पर्यटकों के शामिल होने पर संशय
कोरोना के चलते इस वर्ष दीपोत्सव का स्वरूप अभी क्या होगा, यह तय नहीं हो पाया है। ऐसे में देश-विदेश के मेहमान व पर्यटकों के शामिल होने पर भी संशय है। हालांकि अयोध्या के स्थानीय नागरिकों व साधु-संतों में दीपोत्सव को लेकर काफी उत्साह है। वे राममंदिर के फैसले के बाद होने जा रहे पहले दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी में हैं। भूमिपूजन के दौरान 3 से 5 अगस्त के बीच दीपोत्सव को लेकर लोगों का उल्लास साफ दिखा था।