फैजाबाद के मसौधा स्थित भरत कुंड सरोवर।
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भरतकुंड पर लगने वाले ऐतिहासिक पिशाची मेले में पहली बार वसूली का फरमान जारी किया गया है। यह फरमान एसडीएम के स्तर से स्थानीय लोगों की कमेटी से कराए जाने की तैयारी है। इसको लेकर आसपास के लोगों के साथ ही श्रद्धालुओं में भी आक्रोश है। लोगों ने डीएम से सीएम तक को पत्र भेजकर इसका विरोध जताया है और इस रोके जाने की मांग की है।
आस्था के केंद्र भरतकुंड पर सोमवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय धार्मिक पिशाची मेले में दशक भर से कोई न तो शुल्क लिया जाता रहा है और न ही वसूली की प्रथा रही। लेकिन इस बार के मेले को लेकर एसडीएम सोहावल दीपा अग्रवाल ने मेले में आने वाले दुकानदारों से शुल्क लिए जाने का निर्देश दे दिया है। उन्होंने ने बताया कि मेले में आने वाले दुकानदारों से अन्य मेलों की तर्ज पर शुल्क लिया जाएगा, इससे मेले की व्यवस्था व साफ-सफाई होगी।
इसके लिए नायब तहसीलदार पैगाम हैदर को अध्यक्ष बना दिया है। इसके साथ ही कोषाध्यक्ष क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को बनाया गया है। अध्यक्ष के निर्देशन में स्थानीय लोगों के जरिए यह वसूली कराई जाएगी। एनटी पैगाम हैदर ने पिशाची मेले में दुकानदारों से वसूली के लिए अध्यक्ष बनाए जाने की पुष्टि की है।
हालांकि उन्होंने तर्क दिया कि यह वसूली नहीं बल्कि शुल्क लगाया जा रहा है। श्री भरत यूथ वेलफेयर सोसायटी के प्रबंधक अंजनी कुमार पांडेय ने इस नई परंपरा को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि यह नई प्रथान है धर्म स्थान पर इसे प्रारंभ नहीं किया जाना चाहिए।