उद्योग व्यापार मंडल तथा उप्र. युवा उद्योग व्यापार मंडल से संबद्घ व्यापारियों ने दो सितंबर को निकलने वाली अधिकार यात्रा के प्रति एकजुटता का प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने दावा किया कि सत्ता, सम्मान, सुरक्षा, भ्रष्टाचार मुक्त न्याय, संविधान प्रदत्त अधिकार और विकास का अधिकार पाने के लिए निकाली जाने वाली यात्रा में सभी व्यापारी, पदाधिकारी और सदस्य बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। यह अधिकार यात्रा दो सितंबर की प्रात: 10:30 बजे नाका से शुरू होगी।
शुक्रवार को उप्र. युवा उद्योग व्यापार मंडल की ओर से चली बैठक में जिले की सभी छोटी-बड़ी 72 बाजारों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रदेश अध्यक्ष सुशील जायसवाल ने केंद्र-प्रदेश सरकारों पर प्रहार किया। कहा कि व्यापारी सरकारों को सभी प्रकार का टैक्स अदा करता है।
इसके बावजूद उन्हें हेय दृष्टि और लालचभरी निगाहों से देखा जाता है। उसे सुरक्षा देने के बजाय किसी न किसी रूप में प्रताड़ित किया जाता है। यह उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है। अपराधी उन्हें आंख दिखा रहे हैं। शिक्षक, स्नातक क्षेत्र से प्रतिनिधियों के चुने जाने की तरह उनका भी, विशेषकर खुदरा व्यापारियों के लिए कोटा तय किया जाए।
जीएसटी लागू करने से पूर्व शोषण से बचाने को व्यापारियों की भी राय ली जाए। बाजारों से आये पदाधिकारियों ने अधिकार यात्रा में शामिल होने के साथ अधिकाधिक व्यापारियों को लाने का भरोसा दिया।
उनका कहना था कि बाजारों के व्यापारियों से संपर्क का कार्य पूरा होने को है। कुछ बाजारों में यह कार्य एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। बैठक में कमल कौशल, विश्व प्रकाश रूपन, प्रवीण रस्तोगी, अरुण गुप्त, रत्नाकर मिश्र, कैलाश लखमानी, शैलेंद्र सोनी रामू, मोहित सिंह बाबी, आकाश जायसवाल, सुप्रीत कपूर, रवि सरीन, नीरज-रमेश जायसवाल आदि ने अपने विचार रखे।