अयोध्या में श्रीराम मंदिर ही भव्य नहीं बनेगा बल्कि मर्यादा पुरषोत्तम के पिता चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ की समाधिस्थल को भी बड़े धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी के मद्देनजर दशरथ समाधि स्थल तक पहुंचने के लिए फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। सड़क की जमीन के मूल्यांकन के लिए प्रस्ताव राजस्व विभाग को भेज दिया गया है।
बिल्वहरिघाट स्थित दशरथ समाधिस्थल चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ की चिताग्नि भूमि है। अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु इस स्थल तक पहुंचकर दर्शन करना चाहते हैं, लेकिन यह अयोध्या से लगभग 13.5 किमी. दूर सरयू के किनारे हैं। यहां पहुंचने के लिए अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे से होकर बनाई गई पक्की सड़क तोहै लेकिन हर समय इस पर चल पाना टेढ़ी खीर है। यहां तक आसानी से पहुंचने के लिए बंधे से होकर फोरलेन सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव है। लोक निर्माण विभाग ने राजस्व विभाग को इसमें आने वाली जमीन का मूल्यांकन करने के लिए एसडीएम सदर को पत्र भेजा है।
पहले बननी थी 132 करोड़ की लागत से टू-लेन सड़क
दशरथ समाधिस्थल के लिए पहले बंधे पर टू-लेन सड़क के रूप में 132 करोड़ रुपये से चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की कार्ययोजना बनाई गई थी। इसको लेकर जमीन की खरीद शुरू कर दी गई थी। जमीन के कई बैनामे कराए जा चुके हैं, लेकिन अब इसे फोरलेन बनाए जाने की कार्यवाही शुरू की गई है।
स्थल अपने में समेटे है पौराणिक महत्व
दशरथसमाधि स्थल अपने में कई पौराणिक महत्व भी समेटे है। श्री राम के द्वारा बिल्व नामक गंधर्व का उद्धार भी यहीं हुआ था। जहां पर बिल्वहरि शिव मंदिर हैं। यह स्थल भी दशरथ समाधि स्थल पर ही है। समाधि स्थल पर शनि के प्रभाव को कम करने के लिए पूजा करने वालों की भीड़ लगती है।
होगा विस्तार, बढ़ेगी भव्यता, बनेगा आकर्षण का केंद्र
समाधिस्थल को बड़े धार्मिक पर्यटन स्थल की तरह विकसित करने के मद्देनजर अभी कुछ दिन पहले सांसद लल्लू सिंह के नेतृत्व में अफसरों व तकनीकी विशेषज्ञों का दल यहां पहुंचा था। इसमें उपनिदेशक पर्यटन राजेंद्र प्रसाद यादव, आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य अफसर व तकनीक विशेषज्ञ शामिल थे। उपनिदेशक पर्यटन राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि दशरथ समाधिस्थल कैंपस का विस्तार, कथामंडप, श्रद्धालुओं की सभी सुविधा के लिए कई अन्य कार्य शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। इस पर काम हो रहा है।
रामलला का भव्य मंदिर बने और उनके पिता की समाधिस्थल भव्य न हो, यह उचित नहीं है। इसी के मद्देनजर समाधि स्थल को भव्यता प्रदान करने का प्रयास है। यहां ज्यादा संख्या में पर्यटक पहुंचे और लाभ उठाएं।
-लल्लू सिंह, सांसद अयोध्या।
बंधे पर टू लेन सड़क बनाने के लिए जमीन के बैनामे कराकर मुआवजा दिया जा रहा है। अब यह सड़क फोरलेन बननी है। इसके लिए जमीन के मूल्यांकन के लिए एसडीएम को पत्र भेजा गया है। टीम गठित करके मूल्यांकन किया जाना है। इसके बाद इस पर काम शुरू होगा।
-एसपी भारती, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, प्रांतीय खंड, अयोध्या।