जिले के 111 महाविद्यालय एवं आईटीआई की मान्यता जांच में स्पष्ट नहीं हो पाई है। राज्य एनआईसी की जांच स्पष्ट न होने से दशमोत्तर की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
दशमोत्तर कक्षाओं की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए छात्रों के आवेदन के साथ ही संबंधित संस्थानों की मान्यता संबंधी जांच भी शासन स्तर पर की जाती है।
इसके बाद संबंधित संस्थान में अध्ययनरत छात्रों को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति मिलने का रास्ता साफ होता है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राम चंद्र दूबे के मुताबिक जिले के 111 महाविद्यालयों/आईटीआई की मान्यता किन-किन संस्थानों से प्राप्त हुई, यह एनआईसी लखनऊ की जांच में स्पष्ट नहीं हो पाया।
इसका विवरण संस्थानों ने स्वयं अपलोड किया था। ऐसे महाविद्यालयों/शिक्षण संस्थानों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से प्राप्त मान्यता संबंधी विवरण डीआईओएस से सत्यापित कराकर तीन दिन में उपलब्ध कराने को कहा गया है।