मवई थानाक्षेत्र की सैदपुर चौकी अंतर्गत वाधवा विहारा गांव में रविवार सुबह छह बजे एक घर में हुए भीषण विस्फोट में युवक की मौत हो गई। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि गांव के लोगों में हड़कंप मच गया। गांव में इतनी बड़ी घटना हो गई मगर कई घंटे तक पुलिस को भनक तक न लगी।
करीब 11 बजे गांव के किसी व्यक्ति ने उच्चाधिकारियों को खबर दी तो एसडीएम व सीओ रुदौली पुलिस व फील्ड यूनिट के साथ मौके पर पहुंचे मगर तब तक परिवारीजनों ने युवक का दाह संस्कार कर दिया था। परिवार के लोगों की चुप्पी और आनन-फानन में दाह संस्कार करने से घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही हैं।
मवई थानाक्षेत्र के वाधवा वाधवा विहारा गांव निवासी शारदा प्रसाद पांडेय का पुत्र बालकृष्ण पांडेय (35) रविवार सुबह करीब छह बजे डॉक्टर के यहां जाने के लिए तैयार हो रहा था। तभी एकाएक कमरे में भीषण धमाका हुआ और उसका चेहरा उड़ गया।
धमाका इतना तेज था कि पूरा गांव थर्रा उठा और बालकृष्ण की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ ही पलों में शारदा प्रसाद के घर पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। मगर धमाका किस वजह से और कैसे हुआ? इस बारे में परिवार के लोग कुछ भी नहीं बता सके।
इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद परिवार के लोगों ने पुलिस को खबर नहीं दी बल्कि आनन-फानन में बालकृष्ण का दाह संस्कार कर दिया। बालकृष्ण की मौत से पत्नी सुमन समेत परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दिन में 11 बजे गांव के किसी व्यक्ति ने उच्चाधिकारियों को फोन करकेे घटना की जानकारी दी तो एसडीएम व सीओ रुदौली पुलिस व फील्ड यूनिट के साथ मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट ने कमरे से खून व अन्य चीजों के नमूने एकत्र किए हैं।
घरवालों ने पुलिस को बताया कि बालकृष्ण को मानसिक बीमारी थी। सप्ताह में एक दिन रविवार को दरियाबाद में बैठने वाले लखनऊ के एक न्यूरो के डॉक्टर से उसका इलाज कराया जा रहा था। रविवार को भोर साढ़े पांच बजे बालकृष्ण के भाई जंगबहादुर ने उसे तैयार होने को कहा और खुद गाड़ी लेने चला गया। इसी बीच धमाका हो गया।
थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने बताया कि घटना की सूचना पर जब वह गांव पहुंचे तो परिवारीजन बालकृष्ण का दाह संस्कार कर चुके थे। फील्ड यूनिट व बम डिस्पोजल स्क्वाएड ने मौके पर छानबीन करके कुछ नमूने एकत्र किए हैं।
इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। एसओ का कहना है कि, बालकृष्ण के परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। मगर उसका चेहरा धमाके से उड़ा या गोली लगने से? ये अभी स्पष्ट नहीं है। कमरे को सील करके छानबीन शुरू कर दी गई है।
वहीं, सीओ संतोष कुमार का कहना है कि, परिवार के खिलाफ घटना को छिपाने की कार्रवाई हो सकती है। बालकृष्ण के परिवार के बच्चे अंकुश ने भी घर में विस्फोट होने का बयान दिया है। गांव के लोगों ने भी पुलिस को यही जानकारी दी है।