अर्शी मलिक हत्याकांड में पुुलिस ने डीयू स्टूडेंट और प्रॉपर्टी डीलर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में प्रॉपर्टी डीलर पंकज है, जिसने फर्जी आईडी लगाकर एटीएस सोसायटी में फ्लैट लिया था। दूसरा आरोपी उसका डीयू स्टूडेंट साथी प्रिंस है।
तीसरा नसीम मुखबिर है। हालांकि पुलिस को फिलहाल तीनों के हत्याकांड में शामिल होने के पुख्ता सुबूत नहीं मिले हैं। पुलिस ने फ्लैट से बायनाकुलर (दूरबीन) भी बरामद कर ली है, जिससे अर्शी पर निगाह रखी जाती थी।
पंकज निवासी महिपालपुर और प्रिंस निवासी चिराग दिल्ली को पुणे से पूछताछ के लिए लाकर गिरफ्तार किया गया है, जबकि नसीम को मोहननगर से पकड़ा है। एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि पंकज ने दोस्त पार्थ की आईडी पर फोटो लगाकर फर्जी आईडी बनाई और एटीएस सोसायटी में फ्लैट किराए पर लिया था। प्रिंस भी उसके साथ था। नसीम लगातार यूनुस उर्फ काले के संपर्क में रहकर अर्शी की जानकारी देता था।
एसपी सिटी ने माना कि अभी यह साफ नहीं हो सका कि पंकज और प्रिंस को काले के इरादों की जानकारी थी या नहीं। मगर उन्हें हत्या की साजिश में शामिल माना जा रहा है। बता दें कि 11 मार्च की रात एटीएस सोसायटी में कपड़ा व्यापारी अर्शी मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।