हालांकि पुराने कर्मचारियों को अभी तक मानदेय के नाम पर फूटी कौड़ी भी नहीं दिया गया है। दर्शन नगर स्थित मंडलीय चिकित्सालय में महज सौ बेड को शासन से मान्यता मिली। शर्तें ऐसी कि आम आदमी का माथा चकरा जाए।
अस्पताल में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और सिस्टर की तैनाती प्रदेश सरकार करेगी और स्टाफ नर्स से लेकर अन्य कर्मचारी ठेके पर हायर किए जाएंगे। अस्पताल के उद्घाटन के समय तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राधेश्याम ने 20 कर्मचारियों को फौरी तौर पर हायर किया था। कर्मचारियों को मौखिक आश्वासन दिया गया था कि उनको मानदेय दिया जाएगा।
इसी बीच बीते 24 अगस्त को अखंड ज्योति संस्था का चयन कर लिया गया। इसी संस्था के जिम्मे मैन पावर आपूर्ति किए जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। संस्था ने 45 कर्मचारियों को एक ही दिन अस्पताल में कार्य के लिए उतार दिया। इस पर सीएमएस डॉ. राजकुमार मिश्र ने अपर निदेशक से शिकायत की।
मामले की जांच हुई और संस्था का चयन फर्जी पाया गया है। अब शासन से अवनि परिधि संस्था को मैनपावर आपूर्ति किए जाने का जिम्मा सौंपा गया। हालांकि इस दौरान डॉ. राधेश्याम यादव ने जिन कर्मचारियों को पहले तैनात किया था, वह कर्मचारी कार्य करते रहे।
इन कर्मचारियों को कार्य करते हुए छह माह का समय बीत गया है, लेकिन इन कर्मचारियों को मानदेय के नाम पर फूटी कौड़ी भी नहीं मिला है और अब इन कर्मचारियों को हटाए जाने की तैयारी भी पूरी हो गई है।
जितने दिन तक अस्पताल में पूर्व में तैनात कर्मचारियों ने कार्य किया है, उन्हें मानदेय दिया जाएगा। नए कर्मचारियों के आने के बाद पुराने कर्मचारियों की अब छुट्टी कर दी जाएगी। -डॉ. आरके मिश्र, सीएमएस दर्शननगर चिकित्सालय