किशोरी से दुष्कर्म करने का आरोप साबित होने पर अदालत ने युवक को आठ साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पांच हजार रुपये अर्थदंड भी किया है।
फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज राजेश्वर शुक्ल की अदालत से हुआ। मामला तारुन थाना क्षेत्र का है। एडीजीसी पीएम कुद्दूसी ने बताया कि घटना 26 सितंबर 2011 की है।
इसी थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी अपने मामा को खाना देने गई थी। वहां से लौटते समय गांव के ही पकडू उर्फ प्रमोद ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
इसकी रिपोर्ट किशोरी की मां ने पकडू के खिलाफ धमकाकर दुष्कर्म करने की धारा में लिखाई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने पकडू को दोषी पाते हुए सजा दी।