अयोध्या-मंगलवार को थाना रामजन्म भूमि के पांजी टोला के पास रोड पर खड़ी लावारिश कार की चेकिंग करती डॉग स्कॉयड की टीम।
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संवेदनशील अयोध्या के यलो जोन में एक संदिग्ध कार से अफरातफरी मच गई। सूचना पर पुलिस व बम डिस्पोजल दस्ते ने पहुंच कार की जांच की लेकिन उसमें कुछ संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस कार को थाने उठवा लाई। देर शाम कार एलआईसी के एक कर्मी की निकली, जांच के बाद कार सौंप दी गई।
अधिग्रहीत परिसर से सटे पांजीटोला स्थित यूसुफ आरा मशीन के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार को लोगों ने काफी देर से खड़े देखा। घंटों से कार के खड़े होने पर संदेह होने पर क्षेत्र के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। अधिग्रहीत परिसर के पास संदिग्ध कार के खड़े होने की सूचना पर पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
आनन-फानन में पुलिस के साथ बम डिस्पोजल स्क्वायड टीम के प्रभारी शेषनाथ राव, राजेश कुमार सिंह, राजेंद्र प्रसाद, एसआई कुंती सिंह, सुरेंद्र कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। बीडीएस टीम को जांच में कार में कुछ भी संदेहास्पद नहीं मिला। पुलिस कार को थाना राम जन्मभूमि उठवाकर ले आई।
कुछ घंटों के बाद पता लगा कि वाहन एलआईसी के मंडल कार्यालय में सेल्स मैनेजर के पद पर काम कर रहे रामघाट निवासी पवन मिश्र की है। पवन मिश्र ने बताया कि सुबह मीटिंग में जा रहे थे और पांजीटोला के पास वाहन खराब हो गया। क्षेत्र के एक युवक को बताकर मिस्त्री भेजने की बात कह वह आफिस चले गए। थाना रामजन्मभूमि पुलिस ने बताया कि जांच के बाद कार मालिक को कार सौंप दी गई।