पुलिस ने मवई थाना क्षेत्र में लगभग एक माह पूर्व हुए शबनम हत्याकांड का खुलासा करके उसके प्रेमी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
प्रेमी ने कबूला कि शादीशुदा शबनम उससे शादी करने की जिद पर अड़ी थी, इसी वजह से उसे मार डाला। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने आला कत्ल व खून से सने कपड़े बरामद करके तीनों को जेल भेजा है।
पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी देहात कुलदीप नारायण ने बताया कि सैमसी गांव निवासी अल्लाफेर की पुत्री शबनम बानो (22) का निकाह गांव से लगभग डेढ़ किमी दूर स्थित टेर गांव में हुआ था।
17 नवंबर को सैमसी गांव के खेत में शबनम की लाश मिली थी। उसकी हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी। मामले में शबनम के भाई रवि अव्वल की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
एसपी देहात ने बताया कि छानबीन में पता चला कि शबनम का गांव के ही दिग्विजय से करीब तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शादी के बाद भी उसकी दिग्विजय से नजदीकी बनी रही और वह अक्सर चोरी-छिपे उससे मिलती थी।
16 नवंबर को शबनम के ससुराल वाले उसे विदा कराने पहुंचे थे। ससुराल जाने से पूर्व शबनम ने अपने चचेरे भाई अतीक के मोबाइल से दिग्विजय को फोन करके मिलने के लिए तालाब के किनारे बुलाया था।
पुलिस का कहना है कि दिग्विजय गांव के ही रहने वाले दोस्त अमरजीत सिंह व विजय कुमार प्रजापति के साथ तालाब किनारे पहुंचा था। वहां शबनम उससे शादी करने की जिद करने लगी।
मना करने पर वह रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भेजने की धमकी देने लगी। दिग्विजय ने पूछताछ में कबूला कि इसी वजह से उसने शबनम पर बांके से वार कर दिया। दोस्तों ने शबनम के हाथ-पैर पकड़े और उसने चाकू से उसका गला रेत दिया।
इसके बाद तीनों लोग लाश वहीं छोड़कर भाग गए। एसपी देहात ने बताया कि थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार यादव की टीम ने दिग्विजय की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त आला कत्ल व शबनम के खून से सने आरोपियों के कपड़े उनके घर से बरामद कर लिए हैं।
तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। अदालत में पेश करके पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया। वहीं, हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को नगद ईनाम देने की घोषणा की गई है।