बबर्ररता की शिकार नगर कोतवाली के मोहदा रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र निवासी कक्षा पांच की छात्रा की सेहत में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। लखनऊ में केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती छात्रा ने सुबह एक बार मुंह खोला, लेकिन फिर से बेहोशी की हालत में पहुंच गई। मामले की विवेचना में जुटी पुलिस भी आरोपी की तलाश में विफल है, इसे लेकर कई संदिग्धों को उठाया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
बुधवार की सुबह नगर कोतवाली क्षेत्र में मोदहा क्षेत्र स्थित इलाहाबाद रेल प्रंखड पर रेलवे लाइन किनारे तालाब के पास स्थित झाड़ियों में क्षेत्र निवासी एक मजदूर पेशा की 12 वर्षीय पुत्री व कक्षा पांच की छात्रा बेहोशी की हालत में मिली थी। उसका हाथ-पांव बंधा हुआ था और गले में दुपट्टा कसा हुआ था।
कंट्रोल रूम को सूचना के बाद पुलिस ने छात्रा को जिला अस्पताल भिजवाया था। कोमा में होने के चलते जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने दोपहर बाद छात्रा को लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ में केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती छात्रा को अभी होश नहीं आया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
छात्रा के पिता ने दूरभाष पर बताया कि सुबह साढ़े दस बजे एक बार होश आया था। दो-चार शब्द बोलने के बाद वह फिर बेहोश हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि वह कोमा मेें चली गई है। पीड़िता के पिता का कहना है कि अब तो भगवान का ही सहारा है। उधर, कोतवाली पुलिस को संदिग्धों से पूछताछ में अभी कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है।