नोटबंदी के 15वें दिन भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं होती दिखीं। जिले में करेंसी की कमी से बैंकिंग व्यवस्था लड़खड़ाई नजर आई। शहर में दिक्कतें तो कुछ कम दिखीं, लेकिन देहात की शाखाओं में पूरे दिन हाहाकार मचा रहा। सबसे ज्यादा परेशान किसान व शादी वाले परिवार हैं।
शादी वालों से तमाम ऐसे दस्तावेजों की मांग की गई कि वे कोसते हुए लौटने को मजबूर थे। इन सबके बीच एसबीआई समेत कई निजी बड़े बैंकों के एटीएम शहर में अपग्रेड होने से राहत मिली। शाखाओं व एटीएम पर कतारें कम हुई।
नोटबंदी से बैंकों के हालात सुधरते नहीं दिखे। शहर की पीएनबी, एसबीआई, सेंट्रल, एचडीएफसी, केनरा, बीओबी, एक्सिस समेत सभी बैंकों पर कतार रही। शहर के टकसाल स्थित पीएनबी की रिटेल प्रोसेसिंग सिस्टम की शाखा का एटीएम बंद था। कचहरी के इलाहाबाद बैंक में चौथे दिन भी कैश संकट के चलते भुगतान ठप रहा।
इसे लेकर अधिवक्ताओं में खासा रोष रहा। करेंसी की कमी से नोट बदलने का काम बुधवार को भी बमुश्किल जिले की कुल सवा दो सौ शाखाओं में 100 पर ही हो पाया। कुल दो सौ एटीएम में भी सवा सौ से अधिक बंद रहे। सबसे खराब हालत देहात के तारुन, बीकापुर, रुदौली, परटंगा, सोहावल, गोसाइगंज, मिल्कीपुर आदि इलाकों में रही।
रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार बड़े अरमानो से बेटे का निकाह करने की चाहत रखने वाली तहसील रुदौली के पालपुर की विधवा आलिया पंजाब नेशनल बैंक रुदौली में तीन दिन से मैनेजर के टालमटोल से परेशान होकर बुधवार को बेटे मो. रेहान के साथ एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव से मिलकर प्रार्थना पत्र सौंपा।
आलिया ने बताया की सरकार के शादी में खाते से 2 लाख 50 हजार निकलने के आदेश पर अपने खाते से निकलने जा रही है। पैसा नहीं निकल रहा है। एसडीएम ने बताया की शिकायत आई है, शाखा प्रबंधक को समाधान करने के निर्देश दिए है। उधर बैंक ऑफ़ इंडिया भेलसर शाखा में कैश की कमी है।
शाखा प्रबंधक निधि सिंह ने बताया की विवाह के लिए रुपये 9 हजार 999 तक लेने के लिए कोई कागजी कार्यवाही नहीं करनी है। विवाह के लिए 10 हजार रुपये से ज्यादा के लिए आवेदन पत्र के साथ भुगतान करने वाले सभी लोगों का ब्योरा व सभी प्राप्तकर्ताओं से इस आशय का शपथ पत्र देना होगा कि उनके पास कही बैंक खाता नहीं है। बैंक में उपलब्ध धनराशि का भुगतान मिले निर्देशों के साथ किया जा रहा है।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार बैंको में कैश न होने से उपभोक्ताओं को बैंरग वापस होना पड़ रहा है। लोगों का खेती किसानी दवा उपचार शादी विवाह सहित जरूरी काम प्रभावित हो रहा है। बीकापुर कस्बे में स्थित केनरा बैंक में कैश न होने के चलते बुधवार को सिर्फ पुराने नोटों को जमा किया गया, निकासी नहीं हो पायी। चवरढार निवासी आकाश तिवारी ने बताया कि बीए की फीस जमा करने के लिए पैसा निकालने आया था पैसा नहीं मिला। शाखा प्रबंधक बलिराम मिश्र ने बताया कि 20 लाख की डिमांड की गयी थी सिर्फ 10 लाख चेस्ट से मिला।
एसबीआई में बुधवार को जमा के साथ निकासी भी हुई। लोगो की लम्बी कतार लगी रही। शाखा प्रबंधक जेएन मिश्र ने बताया कि उपभोक्ताओं को एक सप्ताह में 24 हजार भुगतान किया जा रहा है। कस्बे में स्थित बीओबी शाखा में कैस कम होने के चलते लोगों को चार हजार रुपये ही भुगतान किया गया।
जबकि शादी के उपभोक्ताओं को 24 हजार रुपये दिया गया । शाखा प्रबंधक सरवन कुमार ने बताया कि डिमांड के अनुसार पैसा नहीं मिला, फिर भी भुगतान बंद नहीं किया गया है। बुधवार को क्षेत्र के तोरोमाफी, शेरपुरपारा, मोतीगंज, रामपुर भगन, चौरेबाजार के बैंक शाखाओं में भी कैश न होने के चलते भुगतान में परेशानी हुई । तमाम उपभोक्ता भटकते रहे ।
बीकापुर कस्बे में स्थित सभी एटीएम के सटर बन्द रहे । कस्बे में विभिन्न बैंको के पांच एटीएम स्थित है। नोट बन्दी के बाद सभी एटीएम ठप है । सिर्फ एसबीआई के एटीएम से पिछले दो दिनों से निकासी हो रही थी। कैस न होने से बुधवार को एसबीआई का एटीएम भी बंद मिला।
तारुन प्रतिनिधि के अनुसार सरकार की नोटबंदी के निर्णय के बाद सेंट्रल बैंक तारुन से कैश का संकट समाप्त नहीं हो रहा है। यहां न तो एटीएम में पैसा डाला जा रहा है और न ही काउंटर से पर्याप्त मात्रा में भुगतान मिल पा रहा है। उपभोक्ता बेलगरा निवासी शिवकुमार ने बताया कि उनके बेटे की शादी है लेकिन अपना भुगतान पाने को रोज लाइन में खड़ा होना पड़ रह है।
गुरौली के पूर्व प्रधान रामफूल यादव का बेटा पंखे से चोट खा गया है, उन्हें दवा के लिए पैसा नहीं मिल रहा है। बैक कर्मी लक्ष्मी यादव ने बताया कि जितना कैश प्राप्त होता है, सब भुगतान कर दिया जा रहा है। कैश की समस्या जिले स्तर की है।
लीड बैंक मैनेजर ओपी शुक्ला ने बताया कि आरबीआई की नई गाइड लाइन लागू होने से शादी के लिए धन लेते वक्त जरूरी कागजात देना अनिवार्य है। जिले में 500 की नई नोट नहीं आने से करेंसी संकट काफी है। मांग से 50 फीसदी से भी कम करेंसी मिलने से भुगतान प्रभावित है। जिले की सवा सौ से अधिक एटीएम प्रभावित रहे हैं। आरबीआई ने लखनऊ से कैश संकट दूर करने की मांग की जा रही है।