युवक की जेब से बरामद मोबाइल से काल करने पर शव की शिनाख्त हरदोई जिले के कासिमपुर थानाक्षेत्र के काजीपुर गांव निवासी प्रेम कुमार यादव के रूप में हुई है। परिवारीजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इस बीच मृतक के पिता के देर से आने के कारण पोस्टमार्टम अब सोमवार को होगा।
कोतवाली अंतर्गत तिवारीपुर (चवरढार) गांव के पास मलेथू कनक-इनायत नगर रोड के किनारे रविवार की भोर में 25 वर्षीय एक युवक का शव पेड़ की डाल से लटका देख लोग सन्न रह गए। तत्काल इसकी सूचना ग्राम प्रधान प्रतिनिधि झब्बू तिवारी ने बीकापुर पुलिस को दी। मौके पर युवक की शिनाख्त कोई नहीं कर पा रहा था। युवक जिस डाल पर लटका था, वह काफी कमजोर और जमीन से बमुश्किल साढ़े पांच फीट ऊंची थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहली नजर में ही ऐसा लग रहा था जैसे उसकी हत्या कर गमछे से गले में फांसी का फंदा बनाकर शव को लटकाया गया हो। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार मिश्र ने बताया कि युवक की हत्या कर शव डाल पर
लटकाया गया है या उसने जानबूझ कर आत्महत्या की है, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकता है। लोगों के अनुसार युवक के मुंह से बदबूदार झाग निकल रहा था। घटना स्थल के पास ही चाय की दुकान करने वाले शख्स का कहना है कि युवक दो दिन से उसके यहां चाय पीने आ रहा था, लेकिन वह किसके घर रुका था, यह पता किसी को नहीं है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि झब्बू तिवारी ने बताया कि मौत को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है लेकिन आत्म हत्या समझ से बाहर है। मामले की जांच कर रहे हल्का प्रभारी अखिलेश कुमार पांडेय ने बताया कि शव की जेब से मिले मोबाइल से कुछ काल की गई तो युवक का पता हरदोई जिले के कासिमपुर थानाक्षेत्र के काजीपुर गांव सामने आया।
उसके बाद पिता रघुराज यादव का नंबर मिला और काल कर मृतक का हुलिया बताया गया तो उसने शव की पहचान अपने बेटे के प्रेम कुमार यादव के रूप की। पिता के आने के इंतजार में देरी से शव का पोस्टमार्टम अब सोमवार को होगा। हल्का प्रभारी ने बताया कि पिता ने पूछताछ में आत्महत्या करने की बात नकार दी है।
आत्महत्या नहीं हत्या की गई: पिता
पोस्टमार्टम हाउस आए मृत युवक के पिता रघुराज यादव ने पुलिस को बताया कि उसका पुत्र प्रेम कुमार यादव अहमदाबाद, गुजरात में नौकरी करता था। वहां किसी से कर्जा ले रखा था, जिसकी वजह से हाल ही में भाग आया। तीन दिन से वह लापता था।
यहां बीकापुर क्षेत्र में उसके साथ कौन नौकरी करता था? किससे वह मिलने यहां आया? हत्या के पीछे क्या चक्कर है? यह उसे नहीं पता। लेकिन प्रेमशंकर को आत्महत्या करनी होती तो यहां आकर क्यों करता। वह दो दिन से किसके यहां था, उसकी पहचान होने पर ही पूरा मामला साफ हो सकेगा।
उसका आरोप है कि बेटे को जहर देकर पहले मारा गया फिर आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ से लटका दिया गया है। कोतवाल का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम होने के बाद सही तथ्य सामने लाए जाएंगे।