इस कार्रवाई को कारागार में निरुद्ध दुराचार के आरोपी सूर्यमणि के नाइन एमएम कारतूस दिखाने के वीडियो वायरल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कारागार प्रशासन का कहना है कि शासन के निर्देश पर दोनों का जेल स्थानांतरण किया गया है।
पड़ोसी जनपद अंबेडकरनगर में कारागार का निर्माण अभी पूरा न हो पाने से अंबेडकरनगर के बंदियों तथा कैदियों को जनपद स्थित मंडल कारागार में रखा जाता है। यहीं से विचाराधीन बंदी अदालत पेशी के लिए अंबेडकरनगर ले जाये जाते हैं। चंद दिनों पूर्व एक वीडियो वायरल हुआ था।
वायरल वीडियो में दुराचार के आरोप में मंडल कारागार के विशेष सेल में निरुद्ध पड़ोसी जनपद अंबेडकरनगर के महरुआ थाना क्षेत्र निवासी सूर्यमणि यादव नाइन एमएम कारतूस दिखाता दिख रहा है। प्रकरण मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक हलचल हुई।
गुरुवार रात शासन से सूर्यमणि यादव को मंडल कारागार से बस्ती जिला जेल तथा अंबेडकरनगर के ही टांडा क्षेत्र निवासी तथा व्यवसायी नेता राम मोहन गुप्ता तथा उसके लड़के राम बाबू के चर्चित हत्याकांड के आरोपी अबुल बशर उर्फ सैफ को मंडल कारागार से गोंडा जिला जेल स्थानांतरित किये जाने का फरमान आ गया।
टांडा क्षेत्र निवासी सैफ का काफी समय मुंबई में बीता है और उसके खिलाफ मुंबई में मामले दर्ज बताये जाते हैं। गिरफ्तारी के समय तत्कालीन डीजीपी की ओर से सैफ को आतंकी बताया गया था। फरमान के अनुपालन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों को संबधित जिला जेलों में शिफ्ट करा दिया गया।
हालांकि मंडल कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा का कहना है कि सूर्यमणि व सैफ के खिलाफ अनुशासनहीनता की कई शिकायतें थीं। दोनों का कारागार प्रशासन के कर्मियों के साथ व्यवहार ठीक नहीं था जिसके चलते शासन के निर्देश पर सूर्यमणि का बस्ती और सैफ का गोंडा जेल स्थानांतरण किया गया है।