सुभाष नगर मोतीबाग स्थित मद्रास टेक्सटाइल्स पर 31 अगस्त की रात हुई फायरिंग व्यापारी को डराकर 50 लाख रुपये रंगदारी वसूलने के लिए की गई थी। पुलिस ने बुधवार को साकेत कॉलेज के एक छात्रनेता को गिरफ्तार करके वारदात के खुलासे का दावा किया है।
आरोपी के पास से वारदात में प्रयुक्त तमंचा, बाइक व दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस लाइन में बुधवार को एसपी सिटी आरएस गौतम ने पत्रकारों को बताया कि 31 अगस्त की रात मद्रास टैक्सटाइल्स पर फायरिंग हुई थी।
गोली शोरूम के गेट के शीशे में लगी थी। प्रकरण में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले के खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को लगाया गया था।
मंगलवार को टीम ने रीडगंज स्थित आंख अस्पताल तिराहे से बाइक सवार खुर्दाबाद निवासी संजय यादव को तमंचा, कारतूस व दो मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया।
पूछताछ में संजय ने कबूला कि व्यापारी से 50 लाख रुपये रंगदारी वसूलने के लिए साकेत कॉलेज के सामने चाय की दुकान पर साजिश रची गई थी।
घटना के दिन वह तथा गोंडा के मनकापुर बाजार निवासी सलमान व तरबगंज के अमदही निवासी दिग्विजय सिंह के साथ विक्रम उर्फ छोटू की बाइक से निकले थे। राजकरण स्कूल के पास सलमान बाइक से उतर गया।
इसके बाद दोनों मोतीबाग पहुंचे और दिग्विजय ने मद्रास टैक्सटाइल्स पर फायरिंग की। वारदात के बाद 18 सितंबर को दिग्विजय ने फर्जी आईडी से सिमकार्ड खरीदकर व्यापारी को धमकाकर 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी।
उधर, घटना के बाद मुंबई गए सलमान व दिग्विजय को वहां पुलिस ने पिस्टल के साथ गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। एसपी सिटी ने बताया कि संजय व दिग्विजय साकेत कॉलेज के छात्र हैं और छात्रसंघ चुनाव लड़ चुके हैं।
इन लोगों की योजना व्यापारी के पैर में गोली मारकर दहशत फैलाने तथा 50 लाख रुपये रंगदारी वसूलने की थी। दोनों ने व्यापारी को कई बार फोन करके धमकाकर रंगदारी मांगी थी।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों ने आदित्य कुमार निवासी कंधारी बाजार कोतवाली नगर के मोबाइल फोन में फर्जी आईडी का सिमकार्ड लगाकर रंगदारी मांगी थी। आदित्य की तलाश कराई जा रही है।
जबकि सलमान व दिग्विजय को वारंट के आधार पर मुंबई से लाया जाएगा। वारदात का खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी ने दस हजार व व्यवसायी गोपी मोटवानी निवासी रामनगर कॉलोनी की ओर से 51 हजार ईनाम देने की घोषणा की गई है।