बीकापुर क्षेत्र के बछरामपुर निवासी मत्स्यकर्मी बाबूलाल निषाद की हत्या के आरोप में पुलिस ने प्रधान पति सहित तीन लोगों को बुधवार को जेल भेज दिया। इसके विरोध में दोपहर बाद स्थानीय सपा विधायक आनंदसेन समेत इलाके की सैकड़ों महिलाओं ने पुलिस लाइन स्थित एसपी ग्रामीण के दफ्तर पहुंच घेराव व प्रदर्शन शुरू कर दिया।
किसी तरह एसपी ग्रामीण ने लोगों को समझाकर वापस किया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने डीआईजी से मिलने की कोशिश की मगर उन्होंने मिलने से इंकार कर दिया। गांव की महिला प्रधान का आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते उनके पति को फंसाया जा रहा है।
बछरामपुर निवासी मत्स्य विभाग फैजाबाद में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बाबूलाल निषाद (50) का 22 अगस्त को तालाब में उतराता शव मिला था। वह अपने पुत्र विक्रम के नाम से मत्स्य पालन के लिए आवंटित तालाब की रखवाली के लिए रात में गया था।
सुबह घर नहीं लौटा तो मत्स्य कर्मी की पत्नी गेंदा देवी ने कोतवाली में पति के अपहरण व हत्या की आशंका की तहरीर दी थी, जिसमें प्रधान पति सहित तीन लोगाें को नामजद किया था। 23 अगस्त को दिन में करीब 11 बजे मत्स्य कर्मी की लाश तालाब से पुलिस ने बरामद की।
मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी थी। इस बीच दबाव में आरोपियों को जेल नहीं भेजे जाने पर निषाद महासभा ने 30 अगस्त को बीकापुर तहसील में प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद बुधवार को प्रधान पति रामकरन, परशुराम और गुड्डू तीनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद ग्राम प्रधान मायावती के नेतृत्व में उनके समर्थकों ने एसपी ग्रामीण कार्यालय पर दोपहर में घेराव व प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रधान का आरोप है कि प्रधानी चुनाव में मृतक के परिवार ने हमारा विरोध किया था। इसी रंजिश के चलते हमारे परिवार को फंसाया जा रहा है।
इसका एक ज्ञापन भी एसपी ग्रामीण कुलदीप नारायण को सौंपा गया। एसपी ग्रामीण ने कहा कि निष्पक्ष जांच का भरोसा देकर विधायक समेत लोगों को वापस किया गया है। प्रदर्शन करने वालों में श्यामकली, मायाराम, रामतीर्थ संतोष निषाद, वद्री प्रसाद मौर्य आदि शामिल रहे।