अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी बज्मी सिद्दीकी व उनके साथियों को पुलिस ने काफी राहत दी है। मामले के विवेचक ने गैंगरेप का अपराध प्रमाणित न पाते हुए यह धारा विलोपित कर दी है। कोर्ट में दी गई अर्जी में विवेचक ने आरोपियों को जेल से तलब करके सबको अन्य धाराओं में न्यायिक अभिरक्षा में लेने की गुजारिश की है। अर्जी पर सीजेएम राजेश पाराशर ने सभी आरोपियों को 10 मार्च को कोर्ट में तलब किया है।
शहर की एक विवाहिता ने बज्मी समेत आठ साथियों पर घर में घुसकर गैंगरेप करने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। बसपा प्रत्याशी को पुलिस ने बीती 7 मार्च का गिरफ्तार किया था। अन्य आरोपी पहले से ही जेल में थे। इसकी विवेचना एसओ कैंट अमर सिंह कर रहे हैं।
उन्होंने गुरुवार को कोर्ट में अर्जी दी। जिसमें कहा है कि वादिनी के बयान, एफआईआर, पड़ोसीगण के बयान, मेडिकोलीगल रिपोर्ट व चिकित्सक के बयान के आधार पर गैंगरेप का साक्ष्य सारभूत प्रमाणित नहीं पाया गया। चूंकि सभी अभियुक्त अन्य धाराओं के साथ गैंगरेप की धारा में भी न्यायिक अभिरक्षा में हैं, इसलिए सभी को तलब करके अन्य धाराओं में न्यायिक रिमांड स्वीकार करने की याचना की है।