सड़क पर घूम रहे शोहदों से पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
छींटाकशी के खिलाफ सड़क पर उतरीं जीजीआईसी की छात्राएं गुरुवार को शोहदों की शामत बन गईं। छात्राओं की पहल पर महिला थाना व कोतवाली पुलिस ने आठ युवकों को ऑन द स्पॉट पकड़ा। पहली बार आंखों के सामने मनचलों को गिड़गिड़ाते देख छात्राओं को सुकून मिला है। चार युवकों को छेड़खानी में और चार को शांतिभंग में जेल भेजा गया है।
गुरुवार को छात्राओं ने स्कूल जाते वक्त फब्तियां कसते शोहदों को करारा जवाब दिया। नगर कोतवाली और महिला थाना पुलिस भी सक्रिय दिखी और छात्राओं के एक इशारे पर शोहदों को गिरफ्त में लेती रही। जिस पोस्टमार्टम हाउस के पास बीते सोमवार को एक छात्रा की शर्ट फाड़ी गई थी, वहां फिर शोहदे बेलगाम दिखे।
लेकिन छात्राओं ने युवकों को न केवल लताड़ा बल्कि थोड़ी दूर से नजर रख रहीं महिला थानाध्यक्ष शकुंतला को इशारा किया और चार युवकों को दबोच लिया गया। महिला पुलिस ने जीजीआईसी के पास तिकोनिया पार्क पर भी बाइक सवार दो शोहदों को छेड़खानी करते पकड़ा।
रिकाबगंज चौकी प्रभारी पतिराम ने भी दो युवकों को फब्तियां कसते गिरफ्तार किया। नगर कोतवाल अरविंद जायसवाल ने बताया कि छात्राओं की शिकायत के बाद सुबह चले अभियान में नियांवा चौराहा निवासी मो. शमशाद व राजन रावत, सुभाष नगर निवासी निहाल व आकाश को छेड़खानी के आरोप में जेल भेजा गया है।
जबकि साकेतपुरी कॉलोनी निवासी अभिषेक वर्मा, देवकाली निवासी अरविंद कुमार, नाका हनुमानगढ़ी निवासी लकी कौशल व मो. अबुल को शांतिभंग में जेल भेजा गया है। सभी की उम्र 18 वर्ष से 30 वर्ष के बीच है। उधर, छात्राओं ने कहा कि अब किसी ने छेड़ा तो खैर नहीं होगी। हम सब मिलकर सबक सिखाएंगे और कार्रवाई नहीं हुई तो डीएम को बताएंगी।