जिला अस्पताल के आर्थो सर्जन के मोबाइल फोन पर जातिसूचक गालियां देते हुए तत्काल जिला छोड़ देने की धमकी दी गई। ऐसा न करने पर जान से मार डालने के लिए धमकाया गया। आलम यह रहा कि धमकी देने वाले ने मंगलवार रात में एक बार और फोन किया।
दहशत के चलते आर्थो सर्जन रातभर सो नहीं सके। सीएमएस समेत एसएसपी व कोतवाल को सूचना दी। पीएमएस संघ व साथी डॉक्टरों को प्रकरण बताने के बाद बुधवार को पीड़ित चिकित्सक ने नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
डॉ. गंगा राम गौतम जिला अस्पताल में आर्थो सर्जन के पद पर तैनात हैं। मंगलवार को दोपहर बाद डेढ़ बजे उनके मोबाइल पर एक मोबाइल नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि ...हैलो ...डॉ. गंगाराम गौतम बोल रहे हो...। तत्काल फैजाबाद छोड़ दो, नहीं तो तुमको जान से मार देंगे...। उसने आर्थो सर्जन को जातिसूचक गालियां दीं और अभद्रता की।
पहले तो आर्थो सर्जन ने मामले को आया-गया करने की कोशिश की, लेकिन दो बार और काल आई तो दहशत में आ गए। वाकया यहीं पर नहीं थमा। रात नौ बजे एक बार फिर से उसी नंबर से आर्थो सर्जन के मोबाइल पर फोन आया। आर्थो सर्जन ने वही मोबाइल नंबर देखा तो काल रिसीव कर ली, लेकिन कुछ भी नहीं बोले। दूसरी तरफ से सन्नाटा खिंचा रहा और कोई बात नहीं कही गई।
चंद समय बाद काल कट गई। थोड़ी ही देर में फिर से उसी नंबर से आर्थो सर्जन के मोबाइल पर फोन आया और घंटी बजी तो आर्थो सर्जन ने फोन ही नहीं उठाया। उसके बाद वह दहशत में हो गये और रात भर नहीं सो पाए।
साथी डॉक्टरों व प्रांतीय चिकित्सक सेवा संघ के पदाधिकारियों से बात की तो पदाधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की बात कही। डॉक्टर ने मोबाइल से फोन कर प्रकरण की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी देहात व सीओ सिटी व नगर कोतवाल को दी।
आर्थो सर्जन डॉ. गंगाराम गौतम का कहना है कि धमकी व बार-बार फोन से वह दहशत में हो गये और रात भर सो नहीं पाये। पुलिस के अधिकारियों को प्रकरण की मौखिक शिकायत के बाद भी फोन आना बंद नहीं हुआ। बुधवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ व साथी चिकित्सकों के साथ नगर कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है।
ट्रू कालर पर फोन करने की शिनाख्त पंडित हाट दिख रही थी।
नगर कोतवाल एके राय ने बताया कि आर्थो सर्जन डॉ. गंगाराम गौतम की शिकायत पर मोबाइल धारक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराई जा रही है। पुलिस सर्विलांस के सहारे मोबाइल धारक की शिनाख्त में जुटी है।
पहले भी डॉक्टरों को मिल चुकी है धमकी
जिला अस्पताल के डॉक्टरों को मोबाइल पर फोन कर धमकी दिए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व भी दो डॉक्टरों के मोबाइल पर फोन कर जान से मार डालने की धमकी दी जा चुकी है।
बीते दो मार्च को जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नानक शरण को मरीजों का ठीक से इलाज न करने के लिए मोबाइल पर फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई थी। जिसकी उन्होंने नगर कोतवाली में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
तफ्तीश में जुटी पुलिस ने प्रकरण में पूराकलंदर थाना क्षेत्र निवासी एक युवक को पकड़ा था। अभी चंद दिन पूर्व तीन अप्रैल को जिला अस्पताल के ही चिकित्सक डॉ. आरपी राय को उनके मोबाइल पर फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई।
प्रकरण संज्ञान में आने के बाद डॉक्टर व पीएएमएस संघ की ओर से मौखिक शिकायत पुलिस व अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब आर्थो सर्जन को धमकी का मामला प्रकाश में आया है।
पीएमएस संघ ने चढ़ाई आस्तीन
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की जिला इकाई के संगठनात्मक चुनाव के बीच आर्थो सर्जन को फोन पर धमकी का मामला प्रकाश में आने के बाद संघ से जुड़े पदाधिकारियों से आस्तीन चढ़ा ली है। बुधवार को सांगठनिक चुनाव को लेकर सीएमएस कार्यायल परिसर में आयोजित बैठक में चिकित्सकों ने प्रकरण की निंदा की।
जिला पुलिस व प्रशासन को कार्रवाई के लिए 24 घंटे की मोहलत दी है। कार्रवाई न होने पर शनिवार को बैठककर आगे की रणनीति तय करने की बात कही है। बैठक में डॉक्टरों ने कहा कि ऐसे माहौल में बिना सुरक्षा की गारंटी के काम नहीं किया जा सकता। कार्य से बिरत रहने को मजबूर होना पड़ेगा। डॉ. घनश्याम सिंह, डॉ. नानकशरण, एसपी राय, आरपी राय, जीसी पाठक समेत अन्य मौजूद रहे।