नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित गुलाबबाड़ी मैदान के पास संदिग्ध कश्मीरी नागरिक को देख हलचल मच गई। मामले की जानकारी पर मजमा जुटने लगा तो पुलिस भी पहुंची और खुफिया महकमे के कर्मी भी। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस दोनों संदिग्धों को लेकर कोतवाली चली गई।
पुलिस का कहना है कि जांच व पूछताछ में अभी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। विस्तृत पड़ताल कराई जा रही है।
गुरुवार को कोतवाली के गुलाबबाड़ी मैदान में बीएसपी का सम्मेलन चल रहा था। सम्मेलन को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की तैनाती थी और सड़क पर कार्यकर्ताओं की भीड़ थी।
कार्यक्रम के दौरान दूसरी पहर लगभग पौने तीन बजे बैग टांगे एक कश्मीरी और उसके साथी को देख सड़क पर मौजूद लोगों में खुसुर-पुसुर हुई और भनक मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को लग गई। पुलिसकर्मी व खुफिया महकमे के कर्मी संदिग्धों के निकट पहुंच गये और पूछताछ शुरू कर दी।
कार्यकर्ताओं तथा अन्य की भीड़ भी जुट गई। दोनों में से एक ने अपना नाम मंजूर अहमद निवासी बारामूला कश्मीर और दूसरे ने शमशेर अहमद जिला पूर्णिया बिहार बताया। मामले की जानकारी अधिकारियों को देने से साथ पुलिस दोनों को लेकर कोतवाली चली गई।
कोतवाली में पूछताछ में मंजूर ने बताया कि उसकी ससुराल बिहार के पूर्णिया निवासी शमशेर के घर है। शमशेर वहीं कश्मीर में काम करता है। गत वर्ष नवंबर माह में उसको शमशेर के साथ अपनी ससुराल जाना था। क्षेत्र के बाडीपुरा जिला स्थित सम्बन निवासी गुलाम मोहिद्दीन डार भी साथ घूमने के लिए बिहार जा रहा था।
रास्ते में ट्रेन से गुलाम कहीं गायब हो गया। 16 नवंबर को इसकी सूचना दर्ज कराई गई थी। गुलाम के परिवारीजन खोज कर लाने का दबाव बनाये हुए हैं, जिसके चलते दोनों इधर-उधर लापता गुलाम की तलाश के लिए भटक रहे हैं।
नगर कोतवाल एचएन मिश्र ने बताया कि कश्मीर व बिहार निवासी शख्स आपस में रिश्तेदार हैं। वह अपने साथी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। खुफिया कर्मियों के साथ पुलिस ने पूछताछ की है। अभी तक कोई संदिग्ध बात प्रकाश में नहीं आई है। नाम-पते का सत्यापन कराया जा रहा है।