शहर की एक कॉलोनी निवासी कक्षा पांच की छात्रा से बर्बरता की हदें पार की गईं। बुधवार को इलाहाबाद रेल प्रखंड पर नगर कोतवाली के मोहदा रेलवे क्रॉसिंग के निकट स्थित तालाब के पास झाड़ी में हाथ-पांव बंधा निर्वस्त्र एक बालिका के मिलने पर क्षेत्र में हलचल मच गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बालिका को जिला अस्पताल भिजवाया। खबर फैलने पर बालिका के परिवार वाले भी अस्पताल पहुंचे और शिनाख्त की। बालिका क्षेत्र के ही एक प्राथमिक स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा है। सीएमएस ने कहा कि बालिका की हालत बेहद चिंताजनक है, वह कोमा में है, जिसके कारण उसे केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया है। पुलिस अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है।
शहर के मोदहा दक्षिणी क्षेत्र निवासी कुछ लोग बुधवार की सुबह रेलवे लाइन की ओर गये तो, रेलवे लाइन के बगल स्थित तालाब किनारे स्थित झाड़ियों में एक बालिका दिखाई दी। उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। गले पर दुपट्टा कसा हुआ था। बालिका बेहोशी की हालत में थी। इस बात की जानकारी आसपास के लोगों व पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई तो पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बालिका को जिला अस्पताल पहुंचाया गया और मामले की जानकारी आला अधिकारियों को दी गई। बच्ची सुबह सात बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई। बालिका से दुराचार व निर्दयता की आशंका के चलते जिलाधिकारी विवेक कुमार, एसएसपी अनंतदेव, एसपी सिटी उदयशंकर सिंह, एडीएम कानून-व्यवस्था अनिल कुमार, सीएमओ डॉ. प्रसन्न कुमार आदि पहुंच गये और जिला अस्पताल प्रशासन को बालिका के उपचार की हिदायत के साथ जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपये की अहेतुक सहायता प्रदान की गई। मौके पर पूछताछ में बालिका के पिता ने बताया कि वह मूलरूप से बिहार का रहने वाला है और यहां एफसीआई गोदाम पर मजदूरी का काम करता है। उसने कई वर्ष पूर्व इलाके में अपना आवास बना लिया है और पत्नी तथा दो पुत्रियों व एक पुत्र के साथ रहता है।
मंगलवार को क्षेत्र में शादी थी। इलाके के प्राथमिक स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ने वाली उसकी पुत्री शादी में जाना चाहती थी। उसका कहना था कि सहेली ने बुलाया है, लेकिन जाने से मना कर दिया गया। जिसके चलते लगभग नौ बजे वह घर से कहीं निकल गई।
जानकारी पर उसकी हर तरफ तलाश कराई गई, लेकिन कोई सुराग न मिला। नगर कोतवाल एके राय ने बताया कि छात्रा के पिता की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ गंभीर रूप से हमला कर मरणासन्न करने, आबरू पर हमले व बंधक बनाने और बालकों के लैंगिक अधिकार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना कराई जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।