जिला अस्पताल में मौजूद बच्चे ने बताया कि दादी उसकी मां को जलाने और पिता की दूसरी शादी करवाने की बात दादा से कह रही थीं। इस पर दादा ने अम्मी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। मजिस्ट्रेट ने जिला अस्पताल पहुंच विवाहिता का बयान दर्ज किया है।
बस्ती के परशुरामपुर थाना क्षेत्र स्थित मखौड़ा नेवरी निवासी वसीर का परिवार बीते कई साल से अयोध्या के रानोपाली चौकी क्षेत्र स्थित खरगा बगिया में पट्टे की जमीन पर आवास बनाकर रह रहा है।
परिवार में वसीर के अलावा उनकी पत्नी जनतुलै निशा तथा बेटा मुस्तफा, बहू नजबुल और उसके चार बच्चे इसी आवास में रहते हैं। रविवार की दोपहर में विवाहिता तथा उसके बच्चों की चीख सुनकर आसपास के लोग घर की ओर दौड़े। लोगों ने देखा कि नजबुल आग की लपटों से घिरी हुई है।
इस पर लोगों ने किसी तरह आग बुझा गंभीर झुलसी विवाहिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद विवाहिता के ससुराल वाले घर छोड़ भाग गए।
जिला अस्पताल में भर्ती विवाहिता के साथ मौजूद लड़के मासूम अली शेख ने बताया कि दादी ने दादा से कहा था कि अम्मी नजबुल को जला दो, और पिता मुस्तफा की दूसरी शादी करा ली जाएगी। इसके बाद दादा ने अम्मी पर मिट्टी का तेल डाल आग लगा दी।
मामले की जानकारी पर मजिस्ट्रेट ने जिला अस्पताल पहुंच विवाहिता का बयान दर्ज किया है। अयोध्या कोतवाल नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रकरण की जानकारी के बाद झुलसी विवाहिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लगभग 18 वर्ष पूर्व उसका विवाह होने की जानकारी मिली है। परिवार के लोग घर छोड़ फरार हो गये हैं। मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज किया है। मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट दर्ज करवाकर कार्रवाई की जाएगी।