अयोध्या। रौनाही हाईवे पर पुलिस ने शुक्रवार देर रात एक कंटेनर से 14 वध प्रतिबंधित मवेशी बरामद कर अंतरजनपदीय छह पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पुलिस का एक भगौड़ा सिपाही भी शामिल है। जबकि सरगना समेत दो बदमाश मौके से भाग निकले। गिरोह का सरगना गोंडा जिले का रहने वाला है। ये लोग मवेशियों को गैर प्रांतों में बेचते थे।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने पत्रकारों को बताया कि अयोध्या के रास्ते वध प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी की सूचना पर एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण, सीओ सदर व सीओ सिटी के नेतृत्व में रौनाही थाना प्रभारी व कोतवाली नगर प्रभारी की टीम ने शुक्रवार रात रौनाही हाईवे पर चेकिंग के दौरान एक कंटेनर को पकड़ा।
तलाशी में 14 वध प्रतिबंधित पशु मिले थे। पुलिस ने इस दौरान मौके से भगौड़ा सिपाही असगर निवासी हमीरपुर, मो. अयाज निवासी रौनाही अयोध्या, फिरोज निवासी जनपद शामली, आनंद कुमार निवासी मनकापुर गोंडा, मनमोहन निवासी मूसेगंज जिला गोंडा व इश्तिकार निवासी मुजफ्फरपुर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया। बताया इन सभी के खिलाफ गो तस्करी के दर्जनों मामले दर्ज हैं।
बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना नंद किशोर गोंडा के मनकापुर का रहने वाला है। वह मनकापुर थाने की हिस्ट्रीशीटर भी है। उस पर 15 केस दर्ज हैं।
ये लोग भगौड़ा सिपाही असगर के माध्यम से वध प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी कर अन्य प्रांतों में बेचते थे। नंद किशोर व गिरोह का एक अन्य बदमाश अनवार अंसारी निवासी देवरिया फरार हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है।
क्राइम ब्रांच के मुख्य आरक्षी की भूमिका संदिग्ध, हुआ निलंबित
एसएसपी के अनुसार वध प्रतिबंधित पशु तस्करी में अयोध्या क्राइम ब्रांच में तैनात मुख्य आरक्षी बलवंत सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। संदेह के आधार पर उसे निलंबित कर दिया गया है।
बताया कि उसके खिलाफ एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह जांच कर रहे हैं। उनके अनुसार इस अवैध कारोबार में जिले के कई पुलिसकर्मियों की संलिप्तता होने के आसार है, इसकी जांच गोपनीय तरीके से सीओ क्राइम से कराई जा रही है।