अयोध्या कोतवाली क्षेत्र में दीपावली पर अमावस की रात हुई डकैती में घायल शहिनवां निवासी बुजुर्ग की मौत से स्थानीय लोग बुधवार को भड़क गये। उन्होंने शव को गांव के निकट अंबेडकरनगर मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया और प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और डकैती कांड के खुलासे और पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये के आर्थिक सहायता की मांग रखी। मौके पर पहुंचे एडीएम ने कार्यवाही कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद रोड पर आवागमन बहाल हो सका।
अमावस की रात अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के गांव आशापुर के मजरे बेलदार का पुरवा और बगल के गांव शहिनवां में बावरिया गिरोह ने डकैती डाली थी। डकैतों ने वारदात के दौरान 13 लोगों को पीट-पीटकर घायल कर दिया था।
इसमें गंभीर रूप से घायल शहिनवां गांव निवासी दीनानाथ सिंह को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया था। दीनानाथ कोमा में चले गये थे और मेडिकल कॉलेज में उनको आईसीयू में रखा गया था।
वारदात के बाद सियासी लाभ हासिल करने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे जनप्रतिनिधियों की ओर से पीड़ित परिवार को हर तरह की मदद देने और शासन से मदद दिलाने का भरोसा दिया गया था।
इतना ही नहीं इलाज के लिए हाथ तंग होने पर परिवारीजनों ने नात-रिश्तेदारों और परिचितों से कर्जा लिया और किसी तरह इलाज कराते रहे। रकम की तंगी होने के बाद सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों के साथ परिवारीजनों ने डीएम से मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक मदद दिलाने की गुहार की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
इसके चलते थक-हारकर परिवारीजन दीनानाथ को वापस जिला अस्पताल ले आये। कुछ रुपयों की व्यवस्था होने पर वे लोग दीनानाथ को एक नर्सिंगहोम ले गये, लेकिन पैसे के चलते उचित उपचार न हासिल कर सके।
मजबूर होकर परिवार दीनानाथ को घर ले आया। मंगलवार रात दीनानाथ ने दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी गांव के लोगों को हुई तो बुधवार की सुबह सभी आक्रोशित हो शव के साथ अंबेडकरनगर मार्ग पर पहुंच गये और रोड जाम कर प्रदर्शन करने लगे।
सूचना पर पुलिस पहुंची और समझाने-बुझाने की कवायद शुरू हुई लेकिन आक्रोशित भीड़ डीएम के लिखित आश्वासन पर अड़ी रही। माजरा जान सीओ अयोध्या, एडीएम व एसपी देहात भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने परिवारीजनों को लिखित आश्वासन दिया तो भीड़ ने रोड जाम खत्म किया। प्रदर्शन के चलते लगभग तीन घंटे आवागमन बाधित रहा।