हमलावरों ने खूंटे व डंडे से वार करने के साथ उसके पेट पर लातों से हमला बोला। परिवारीजन उसे गंभीर हालत में लेकर जिला जिला अस्पताल पहुंचे।
जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात को लेकर क्षेत्र में हलचल है। घटना की वजह पूर्व में दर्ज हमला व दलित उत्पीड़न के एक मामले में सुलह-समझौते से इंकार करना बताया जा रहा है।
प्रकरण में पुलिस ने दो के खिलाफ हमला कर गंभीर रुप से घायल करने, गैर इरादतन हत्या तथा दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच घटना की जानकारी ली है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
बताया गया कि सोमवार देर शाम कोरोराघवपुर मजरे गड़ेरियन का पुरवा निवासी दलित महिला 31 वर्षीय आशा देवी पत्नी दिनेश कुमार भारती अपने घर से तोड़ी दूरी पर गांव निवासी हरिपाल सिंह के घर के बगल लगे इंडिया मार्का-टू-हैंडपंप पर पानी भरने गयी थी।
तभी गांव निवासी शिव कुमार सिंह व सत्येंद्र कुमार सिंह ने खूंटे और डंडे से हमला बोल दिया। गर्भवती महिला चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन हमलावर रुके नहीं और वार पर वार करते रहे।
चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर घर से निकली गर्भवती महिला की 12 वर्षीय ननद शन्नू ने माजरा देख मामले की जानकारी खेत पर धान की रोपाई कर रहे अपने भाई दिनेश कुमार भारती तथा परिवारीजनों को दी।
उसने बताया कि हमलावरों ने आशा के पेट पर लात से कई वार किए। जिसके चलते गर्भवती महिला बेहोश हो गई। मौके पर पहुंचे परिवारीजनों ने बेहोश आशा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
मंगलवार को थाना प्रभारी प्रेम नरायण तिवारी ने बताया कि तहरीर पर शिवकुमार सिंह व सत्येंद्र कुमार सिंह के खिलाफ हमलाकर गंभीर रुप से घायल करने, गैर इरादतन हत्या तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने एक आरोपी सत्येंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश कराई जा रही है।