सोहावल तहसील क्षेत्र के गांव कैल के मजरे पूरे ललक निवासी एक बुजुर्ग किसान को फसल बर्बादी देख हार्टअटैक पड़ा। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। कैल के मजरे पूरे ललक निवासी किसान रामचतुर यादव (50) पुत्र रामबदल गुरुवार शाम गांव के बाहर स्थित अपने खेत पर गया था।
तीन दिन पहले मौसम के बिगड़े मिजाज को लेकर हुई ओलावृष्टि से किसान के खेत में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल नष्ट हो गई थी। खेत पर पहुंचे अधेड़ किसान ने फसल की बर्बादी का मंजर देखा तो उसके सीने में तेज दर्द हुआ। मौके पर ही लड़खड़ाकर गिर पड़ा।
पास के खेत में काम कर रहे गांव के ही राजेश कुमार यादव ने रामचतुर को खेत में पड़ा देख सूचना उसके परिवार को दी। उनके पहुंचने पर किसान को पीएचसी पहुंचाया गया। यहां डाक्टर ने किसान की हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
परिवारीजन किसान को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किसान को मृत घोषित कर दिया तो परिवारीजन शव को लेकर गांव चले आये।
शुक्रवार सुबह परिवारीजनों ने मामले की जानकारी भदरसा चौकी पुलिस को दी तो शव का पोस्टमार्टम हुआ। पीएम रिपोर्ट में किसान की हृदयाघात से मौत की बात कही गई है। इस बाबत भदरसा चौकी प्रभारी जयशंकर पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक से मौत की बात बताई गई है।