जनपद के कई थाना क्षेत्रों में रविवार को आग ने कहर बरपाया। महराजगंज थाना क्षेत्र में लगी आग में दस लोगों की गृहस्थी का सामान राख हो गई और फसलों को नुकसान हुआ। वहीं कैंट थाना क्षेत्र में पांच आशियाने आग की भेंट चढ़ गए। मवई थाना क्षेत्र में बाराबंकी के सीमावर्ती जंगल में लगी आग से काफी दूर कर पेड़ व झाड़ियां चपेट में आई हैं।
मवई प्रतिनिधि के मुताबिक थाना क्षेत्र के सिपाहिया कोटवा ग्राम सभा के जंगल मे दोपहर आग लग गई। जो ककरहाघाट कल्यानी नदी और शारदा सहायक नाला के तीरे होते हुए कोटवा से सहजना और फिर निरोजपुर बगेढी और बाराबंकी जनपद के असंदरा थाना क्षेत्र के अलहौरा घाट तक फैल स्थित जंगल तक फैल गई। अभी आग लगने के कारणों की जानकारी नहीं मिल पाई है।
हालांकि नदी के तटवर्ती क्षेत्र में धधक रही शराब भट्ठियां आगजनी का कारण मानी जा रही हैं। जंगल में आग की सूचना के बावजूद विलंब से पहुंचे कोटवा गांव के पास एक वन दरोगा व दो गार्ड और सहजनवां में तैनात वन दरोगा साथी फारेस्ट गार्ड की मदद से आग पर काबू पाने की कवायद में जुटे रहे। वन रक्षक जगदीश यादव ने बताया कि कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। झाड़ियां जली हैं।
मया बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक शनिवार की रात दलपत पुर के मजरे चालीरावा गांव में लगी आग में झोपड़ी यादव, रीमा यादव, रामनयन लोनिया, राम रतन, जयचंद्र, गोपीचंद्र व रामभवन के आवासीय छप्पर आग की भेंट चढ़ गये। घर-गृहस्थी का कोई सामान नहीं बचा।
रविवार को रामपुर मया में सड़क किनारे स्थित हरे जामुन के पेड़ में आग लग गई, जिससे फैजाबाद-अंबेडकरनगर मार्ग पर यातायात लगभग एक घंटे बाधित रहा। मया भीखी के मजरे दसरथपुर में लगी आग में गांव निवासी देवीशरन तिवारी, राम आसरे पांडेय व सुनील कुमार का छप्पर आग की भेंट चढ़ गया। छप्पर में रखा अनाज व घर-गृहस्थी का सामान आग की भेंट चढ़ गया। फायर दस्ते के दो दमकलों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया।
वहीं मया-भीटी मार्ग पर कनकपुर में बिजली की शॉर्ट सर्किट से खेत में रखे गेहूं के डंठल में आग लग गई। पछुआ हवा के झोंके ने आग को विकराल कर दिया और आस-पास के खेतों में खड़ी फसलें व अवशेष जलने लगे। मौके पर जमा स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद समंथा गांव के पास आग पर काबू पाया और आग को आबादी तक पहुंचने से रोक लिया।
सुचित्तागंज प्रतिनिधि के मुताबिक कैंट थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में सुबह मनीराम के घर में आग लग गयी। गर्मी के चलते आग की लपटें तेज हो गई और आग ने आस-पास के श्यामू, सालिकराम, धनीराम व गोली के घर को अपनी चपेट में ले लिया। सभी के घर में रखा कपड़ा, रजाई, बिस्तर, दाल, चावल आदि जल गया। फायर दस्ता पहुंचने के पहले ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया।