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जालसाजी कर दंपती ने हथियाई नौकरी

Fri, 07 Apr 2017 12:02 AM IST
amar ujala
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लोक निर्माण विभाग के खंड दो में कार्यरत एक नटवरलाल परिवार का खुलासा हुआ है। एक शख्स ने पहले खुद को दत्तक पुत्र साबित कर कई वर्षों तक लिपिक की नौकरी की और सरकारी धन का आहरण करता रहा। मामला फंसने लगा तो खुद को अगवा व मृत घोषित करवा पत्नी की बतौर मृतक आश्रित नौकरी लगवा दी। पुलिस की विवेचना में जिंदा बरामद होने के बाद प्रकरण का खुलासा होने पर विभाग भी सक्रिय हुआ है। मामले में धोखाधड़ी व कूटरचना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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लोक निर्माण विभाग लखनऊ में तैनात सुल्तानपुर निवासी एक कर्मी की मौत हो गई थी। लखनऊ में ही रहने वाले संजय सिंह ने मामले की जानकारी पर खुद को उस कर्मी का दत्तक पुत्र बताते हुए फर्जी कागजात लगाकर लोक निर्माण विभाग में लिपिक पद पर नौकरी हासिल कर ली और वहां से फैजाबाद तबादला करवा लिया। इसके बाद फिर गोंडा डिवीजन में तबादला करवा लिया।

मामले की जानकारी जब मृतक कर्मी की पत्नी को लगी तो उसने शिकायत की। इस पर विभाग ने जांच शुरू करवा दी। इस पर गोंडा में तैनात संजय सिंह उर्फ संजय मौर्या गायब हो गया और उसकी पत्नी सुषमा की ओर से लखनऊ के विकासनगर थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इतना ही नहीं दुर्घटना में क्षत-विक्षत मिले शव की सुषमा ने अपने पति के रूप में शिनाख्त की और खुद को संजय मौर्य उर्फ संजय सिंह का मृतक आश्रित बताते हुए लोक निर्माण विभाग में नौकरी हासिल कर ली।
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गोंडा डिवीजन मेें तैनात उसकी पत्नी सुषमा भी दो माह से विभाग से गायब है। इसी बीच विकासनगर लखनऊ पुलिस ने अपहृत संजय मौर्या को जीवित बरामद कर लिया। खास बात यह है कि कागजी खेल व मिलीभगत से संजय मौर्या उर्फ संजय सिंह और फिर उसकी पत्नी सुषमा सरकारी नौकरी ही नहीं करती रही, बल्कि सरकारी खजाने से वेतन भी आहरित करती रही।

लोक निर्माण विभाग खंड दो के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि जांच में मामले की खुलासा हो गया है। संजय व उसकी पत्नी ने जाली कागजात के सहारे धोखाधड़ी कर नौकरी हासिल की और वेतन लेते रहे। रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विभागीय कार्रवाई की जा रही है। लोक निर्माण विभाग के खंड दो में फर्जी दत्तक पुत्र बनकर लिपिक की नौकरी हासिल कर लेने के मामले में शिकायत के बाद विभागीय जांच कराई गई तो शिकायत सही साबित हुई।

आरोपी के अपहरण की लखनऊ में दर्ज मुकदमे में खुलासे व आरोपी के जिंदा बरामद होने के बाद हरकत में आए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार की ओर से धोखाधड़ी व कूटरचना की धारा में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए शिकायत नगर कोतवाली पुलिस को दी गई तो पुलिस ने प्रकरण लखनऊ से जुड़ा होने के चलते हाथ खींच लिया। तहरीर लखनऊ पुलिस के पास पहुंची तो लखनऊ पुलिस ने एक जैसे मामले में दो रिपोर्ट न दर्ज होने के हवाला देकर हाथ खड़ा कर लिया।

तीन दिन पूर्व फिर से नगर कोतवाली को भेजी गई शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। नगर कोतवाल एके राय ने बताया कि लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-दो के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार की शिकायत पर संजय मौर्य व उसकी पत्नी सुषमा सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना कर सरकारी नौकरी हासिल करने और सरकारी धन अर्जित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना कराई जा रही है।
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