शहर कोतवाली के रिकाबगंज निवासी एक कारोबारी की पत्नी बेटे के एक्सीडेंट व घर की समस्याओं से दु:खी हो कथित बाबा और उसके गिरोह की ठगी का शिकार हो गई। गिरोह के सदस्यों ने पहले बाबा का महिमामंडन कर उसे झांसे में लिया, फिर शनिवार देर रात रिकाबगंज चौराहे के निकट कार सवार बाबा को 24 हजार नकदी समेत 6 लाख जेवरात दिलवा दिए।
बाबा ने जेवर को तंत्र-मंत्र से शुद्ध कर घर की सारी विपत्ति भगाने का आश्वासन दिया था, मगर जेवरात हाथ लगते ही रफू चक्कर हो गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज ठगों की पहचान व तलाश शुरू कर दी है।
जिले में अब तक सोना को साफ करने के नाम ऐसी घटना होती रही है, लेकिन पहली बार घर की विपत्ति भगाने के नाम पर सोने-चांदी के आभूषणों की पूजा करने के नाम पर जेवरात ठगे जाने से लोग भौचक हैं। बताते हैं शहर के रिकाबगंज-नियावां रोड पर नगर कोतवाली क्षेत्र में अलका टावर के सामने स्थित कारोबारी घनश्याम दास जायसवाल का मकान है।
घनश्याम की पत्नी शारदा देवी (57) रोज की भांति शनिवार की देर शाम सब्जी खरीदने के लिए राजा मोहन गर्ल्स डिग्री कॉलेज गली स्थित सब्जी की दुकान पर गई थी। महिला का कहना है कि सब्जी की दुकान के पास ही उनको एक गोरा, लंबा, मूंछवाला युवक मिला और पता पूछने के बाद बात करने लगा।
बातों-बातों में उसने कहा कि उनको पैरों में तेज दर्द था और चलना-फिरना मुश्किल था। एक बाबा ने उसको भला-चंगा कर दिया। वृद्धा के बेटे आकाश का कुछ दिन पूर्व एक्सीडेंट हो गया था, जिसके चलते अभी वह पूरी तरह चल फिर नहीं पा रहा है।
घर में विपत्ति होने की बात कहकर शख्स ने विपत्ति का निराकरण कराने की बात कही। थोड़ी दूर पर खड़ी जिले के पंजीकरण नंबर वाली एक स्लेटी कलर की कार के पास ले गया और कार में बैठे कथित बाबा से मिलवाया। कार में बैठे शख्स ने जेवरात व रकम में विपत्ति का साया होने का झांसा दिया और महिला के गले की सोने की चेन तथा कान के टाप्स उतरवा लिया।
बताते हैं कि बाबा ने घर में मौजूद रकम व जेवरात की विस्तार से जानकारी लेने के बाद शरीर के उतरवाये गए जेवरात को वृद्धा के चेहरे के चारों ओर घुमाया तो वृद्धा सम्मोहित हो गई। इसके बाद वृद्धा को घर से जेवरात व नकदी लाकर शुद्ध कराने को कहा गया तो वह घर गई और एक झोले में भरकर सारे जेवरात व नकदी ले आई।
दोनों ने विपत्ति भगाने का झांसा देकर वृद्धा को कार में बिठा लिया और झोला लेकर झाड़-फूंक करने लगा। कार सवारों ने वृद्धा को पीछे मुड़कर न देखने की हिदायत दी और रिकाबगंज चौराहे के आगे बल्ला हाता गली के पास झोला देकर यह कहकर उतार दिया कि एक चद्दर खरीद वापस घर चली जाए।
चद्दर खरीद पैदल घर पहुंची वृद्धा ने झोला खोला तो उसमें ईंट-पत्थर रखे मिले। माजरा सामने आने के बाद उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। जानकारी पर परिवार के लोग भौचक रह गये और सूचना पुलिस को दी। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल की है।
पुलिस को दी गई तहरीर में वृद्धा के बेटे आकाश जायसवाल का कहना है कि मां से 24 हजार की नकदी समेत कुल छह लाख के जेवरात की ठगी हुई है। जेवरातों में सोने का पांच-छह तोला वजनी हार, एक हार सेट जिसमें सोने का हार, अंगूठी, दो कंगन, एक जोड़ी कान के टप्स, छह-सात तोले की कान की कनौती, तीन तोला वजनी गले की सोने की चेन व कान के टप्स थे। शिकायत पुलिस को दी गई है।
नगर कोतवाल एएन जायसवाल ने बताया कि वृद्धा के बेटे की शिकायत पर कार सवार को अज्ञात के खिलाफ चोरी व धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट लिखी गई है। पुलिस सुरागरसी व ठगों की तलाश में जुटी है।